मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी और समीपवर्ती क्षेत्रों में कड़ाके की सर्दी के बीच मरोज का त्योहार हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर आम से खास तक सभी झूम उठे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों ढोल-दमाऊ की थाप पर काबीना मंत्री प्रीतम पंवार और पूर्व मंत्री खजान दास भी खूब थिरके। लोक गायिका रेशमा शाह के जौनपुरी गीतों ने तो समा ही बांध दिया।
अगलाड-यमुनाघाटी विकास मंच के तत्वावधान में हर साल मरोज पर्व पर मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें प्रवासी जौनसारी, जौनपुरी और रवाल्टा समाज के लोग बढ़-चढ़कर भागीदारी करते हैं। बुधवार को सुबह से देर शाम तक नगर में मरोज त्योहार की धूम रही। शगुन वेडिंग प्वाइंट में आयोजित मेले में सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। सुबह पारंपरिक पूजा के बाद लोगों ने रासौ और तांदी पर नृत्य किया। लोगों ने लोकगायिका रेशमा शाह के गीतों का जमकर लुत्फ उठाया। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि मरोज पर्व जनजाति क्षेत्र की विशिष्ट लोक संस्कृति है। इसके संरक्षण और संवर्द्धन के लिए सरकार विशेष प्रयास कर रही है। इस मौके पर कई लोगों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मंच के अध्यक्ष शूरवीर सिंह रावत, महामंत्री विजेंद्र पंवार, सूरत सिंह रावत, संरक्षक मनमोहन सिंह मल्ल, पूर्व मंत्री खजान दास, बलवीर सिंह चौहान, रामप्रसाद कवि, जयकृष्ण शाह, देवी सिंह चौहान समेत भारी संख्या में लोग मौजूद थे।