देहरादून। पुलिस लाठीचार्ज से नाराज शिक्षामित्रों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को विधानसभा के सामने प्रदर्शन कर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षकों को जूतों से पीटकर पुलिस ने सभी हदें पार कर दीं। दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन सहित सभी मांगों पर अमल न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उधर, भाकपा माले ने भी शिक्षामित्रों के आंदोलन को समर्थन देते हुए पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के निलंबन की मांग की।
मानदेय वृद्धि सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों पर सोमवार पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाई थीं। इसके विरोध में शिक्षामित्रों ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि निहत्थे लोगों पर पुलिस ने लाठियां बरसाकर मुजफ्फरनगर कांड की यादें ताजा कर दीं। महासंघ के प्रदेश महामंत्री रविंद्र खाती ने कहा कि सरकार लाठी डंडों के बल पर आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। भाकपा माले के गढ़वाल सचिव इंद्रेश मैखुरी ने शिक्षामित्रों के आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि प्रकरण में पुलिसकर्मी से लेकर एसएसपी तक जो भी दोषी है उसे निलंबित किया जाए। प्रदर्शन करने वालों में मुकेश चमोली, सरोज नेगी, दीपा वर्मा, रकम सिंह, प्रमोद कुमार, हरीश कार्की, दर्शन बिष्ट, महेंद्र बोरा, मोहन पांडे, राकेश देशवाल, प्रदीप बोरा, कमला, गौरी, भरत कोठियाल आदि शामिल थे।