देहरादून। राष्ट्रपति बनने के बाद नौ दिसंबर को पहली बार उत्तराखंड के दौरे पर आ रहे प्रणब मुखर्जी की अगवानी को लेकर शासन-प्रशासन कई दिन से तैयारी में जुटा है। विधानसभा सत्र के पहले दिन बिजली गुल होने जैसी चूक न हो, इसके लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। महामहिम के अब तक तय शेड्यूल के मुताबिक नौ दिसंबर को राष्ट्रपति मुखर्जी हरिद्वार में कॉफी लेने के बाद लंच के लिए दून स्थित राजभवन पहुंचेंगे। इस बीच वह हरिद्वार स्थित वीआईपी घाट से गंगा दर्शन करेंगे और फिर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। दून में कुछ देर विश्राम के बाद महामहिम शाम को दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
दिल्ली से आएगी बुलेट प्रूफ कार
प्रणब दा को दून में सहस्त्रधारा स्थित हैलीपैड से राजभवन तक सड़क मार्ग से लाने-ले जाने के लिए बुलेट प्रूफ कार भी दिल्ली से आएगी। कार राष्ट्रपति के दौरे से एक दिन पहले ही दून पहुंच जाएगी। इसका पूरी व्यवस्था राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा ब्रिगेड की ओर से की जा रही है।
फ्लीट में होंगी 75 कार
राष्ट्रपति की फ्लीट में 75 एंबेसडर कार शामिल होंगी। इतनी कार जुटाने के लिए जिला प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। किसी तरह बृहस्पतिवार तक 50 कारों का इंतजाम कर लिया गया। बाकी 25 के लिए विभिन्न विभागाध्यक्षों से बात की जा रही है। जानकारी के मुताबिक अपर सचिवों, एडीएम, निदेशकों, महानिदेशकों आदि की कार फ्लीट में शामिल रहेंगी। दिक्कत यह है कि अधिकांश विभागों में अब एंबेसडर की जगह दूसरी नई कारों का प्रयोग किया जाता है। ऐसे में कार जुटाना मुश्किल हो रहा है। कार देने वाले अधिकारियों के लिए निजी बोलेरो का इंतजाम किया जा रहा है।
आज होगी ट्रायल लैंडिंग
राष्ट्रपति को लाने-ले जाने और और उनकी सुरक्षा संबंधी तैयारियों का परीक्षण करने के लिए शुक्रवार को ट्रायल कि या जाएगा। सुबह दस से 12 बजे के बीच जौलीग्रांट एयरपोर्ट, रायवाला हैलीपैड और जीटीसी (कैंट स्थित सेना के हैलीपैड) तक ट्रायल लैंडिंग की जाएगी। इस टीम में वायुसेना के छह ग्रेड वन और 14 ग्रेड टू आफिसर शामिल होंगे। पुलिस और प्रशासन की ओर से भी रिहर्सल किया जाएगा।
पुष्पांजलि के लिए करेंगे गुजारिश
देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डाक्टर प्रणव पंड्या ने बताया कि राष्ट्रपति का पूरा कार्यक्रम राष्ट्रपति भवन से ही तय है। हम उनसे सिर्फ एक गुजारिश करेंगे कि वह हमारे गुरुदेव आचार्य श्रीराम शर्मा और माता जी की समाधि पर आकर पुष्पांजलि अर्पित करें।