देहरादून। अमर उजाला की ओर से आरंभ की गई इको दिवाली की मुहिम आखिरकार रंग लाई। शहर में पिछले साल की अपेक्षा इस पर प्रदूषण कम होने पर बोर्ड ने भी खुशी जताई है।
राजधानी में इसबार दीपावली पर लोगों ने आतिशबाजी की जगह रोशनी वाले पटाखों को तरजीह दी। इसका परिणाम रहा कि पिछले साल की अपेक्षा पर्यावरण प्रदूषण में कमी आई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि लोगों में पर्यावरण को बचाने के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से देहरादून सिटी में तीन स्थानों पर (घंटाघर, रायपुर और नेहरू कालोनी) प्रदूषण मापी यंत्र स्थापित किए गए थे। इन सभी जगह दिवाली के दूसरे दिन (बुधवार को) हानिकारक तत्वों की जो मात्रा रिकार्ड हुई वह राहत देने वाली है। सिर्फ नेहरू कालोनी क्षेत्र ऐसा है जहां पिछले साल से थोड़ा ज्यादा असर पड़ा है। लेकिन यह क्षेत्र काफी छोटा होने के कारण बोर्ड के अधिकारी इसको लेकर चिंतित नहीं हैं। उनका कहना है कि कुल मिलाकर रिकार्ड किए गए आंकड़े राहत देने वाले हैं।
कहां कितना मिला हवा में हानिकारक कण (एसपीएम)
स्थान इस साल पिछले साल अंतर
घंटाघर 209 234 25 माइक्रोग्राम कमी
रायपुर 248 271 23 माइक्रोग्राम कमी
नेहरू कालोनी 376 319 57 माइक्रोग्राम ज्यादा
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कोट-
पिछले साल की अपेक्षा इस बार लोगाें ने पटाखे कम जलाए। इसकी वजह से शहर के प्रमुख स्थानों पर हवा में बढ़ने वाले हानिकारक तत्वों में कमी आई है। यह अच्छा संकेत है। लोग अपने आसपास के पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहे हैं। अमर उजाला की मुहिम का लोगों की इस जागरूकता में काफी योगदान है।-डाक्टर वीके जोशी, रीजनल आफिसर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड