देहरादून। सिम कार्ड विक्रेता व्यवसाय के नाम पर अब सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं कर सकेंगें। एक ही आईडी को स्कैन करा कई कनेक्शन बांटना उनके लिए आसान नहीं होगा। बीएसएनएल ने उन पर नकेल कसने की कवायद की है। इसके तहत ग्राहक को नए कनेक्शन के लिए नया कस्टमर एप्लिकेशन फार्म भरना होगा। इस पर यूनिक आईडी होगी और फोटो कापी किया गया फार्म मान्य नहीं होगा। उपभोक्ता को सिम लेने के बाद अपने सिम से बीएसएनएल के काल सेंटर पर 1507 डायल कर अपनी पहचान और फार्म में भरे विवरण का वेरिफिकेशन कराना होगा। इस प्रक्रिया में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। इसके बाद ही सिम कार्ड एक्टिवेट होगा। यह व्यवस्था शुक्रवार से लागू कर दी गई है।
फर्जी तरीके से सिम कार्ड कनेक्शन लेना प्रतिबंधित किया गया है। इस संबंध में लोगों को जागरूक करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। ज्यादा जानकारी बीएसएनल के काल सेंटर संख्या 1503 से हासिल की जा सकती है।
--अनिल कुमार वर्मा, जीएम (मोबाइल), बीएसएनएल
सिमकार्ड के वेरिफिकेशन के लिए समय दिए जाने और इस बीच उसके चालू हो जाने की स्थिति में उसके गलत इस्तेमाल का खतरा बना रहता है। ऐसा न हो, इसके लिए निर्देश डीओटी की ओर से आए हैं।
--एमपी गुप्ता, डीजीएम, बीएसएनएल
बगैर पते के चल रहे सिम किए जा रहे ब्लाक
बीएसएनएल ने तत्परता बरतते हुए बगैर पते के चल रहे सिम कार्डों का वेरिफिकेशन शुरू कर दिया है। ऐसे नंबरों पर फोन कर लोगों से आईडी मंगाई जा रही है। जिन नंबरों पर संपर्क नहीं हो पा रहा है, उन्हें ब्लाक किया जा रहा है। अलबत्ता अन्य निजी मोबाइल कंपनियों का बदस्तूर जारी है।