देहरादून। उत्तराखंड शासन ने एमडीडीए को शहर में अगले दो साल के भीतर दस हजार भवन बनाने का टारगेट दिया है। इसे पूरा करने के लिए नगर निगम और ग्राम समाज की जमीनों का भी उपयोग किया जाएगा, ताकि राजधानी में आवास की समस्या से निजात मिल सके।
प्रदेश बनने के बाद से लेकर आज तक एमडीडीए की ओर से आज तक एक भी बड़ी आवासीय योजना नहीं बनाई गई है। आवासीय योजनाएं केवल कागजों में दौड़ाई जा रही है। हकीकत में कुछ भी नहीं हो पाया है। इसके मद्देनजर साल दर साल लोगों के सामने आवासीय समस्याएं बढ़ती जा रही है। हालांकि उच्च वर्ग के लिए बिल्डरों की ओर से बड़ी योजनाएं तो लांच की जा रही है, लेकिन मध्यम और निम्न वर्ग के लोग आज भी आवासीय विकल्पों के लिए परेशान हैं।
इसे ध्यान में रखकर मुख्यसचिव आलोक कुमार जैन ने एमडीडीए को दो साल में 10 हजार भवन बनाने का टारगेट दिया है। एमडीडीए वीसी आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि इस टारगेट को पूरा करने के लिए नगर निगम और ग्राम समाज की जमीन को भी उपयोग किया जाएगा। जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
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राजपुर रोड पर बिजली के तार अंडरग्राउंड करने की तैयारी
एमडीडीए ने राजपुर रोड पर बिजली के तार को अंडरग्राउंड करने की तैयारी शुरू की है। इसके लिए एमडीडीए के वीसी आर मीनाक्षी सुंदरम ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से प्रस्ताव तैयार करके जमा करने के लिए निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि इस पर होने वाले खर्च का वहन एमडीडीए की ओर से किया जाएगा।
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राजपुर रोड का सुंदरीकरण भी करेगा एमडीडीए
राजपुर रोड का सौंदर्यीकरण करने की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू की जाएगी। पहले चरण में घंटाघर से एस्लेहाल तक सुंदरीकरण होगा। इसके साथ ही एस्लेहाल को भी सुंदरकीकरण सौंदर्यीकरण किया जाएगा। एस्लेहाल को सौंदर्यीकरण करने के लिए स्थानीय व्यापारी सोमवार को एमडीडीए वीसी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि इसको लेकर जल्द ही टेंडर किया जाएगा।
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एमडीडीए को ई-आफिस बनाने के लिए फिर होगा टेंडर
एमडीडीए को ई-आफिस बनाने के लिए रीटेंडर किया जाएगा। इसके लिए राज्य निर्वाचन अधिकारी ने भी अनुमति दे दी है। उनका कहना है कि इससे आचार संहिता किसी स्तर पर प्रभावित नहीं होगी। हालांकि ई-आफिस बनाने को लेकर सोमवार को टेंडर खोला गया। तीन कंपनियों की ओर से प्रेजेंटेशन भी दिया गया, लेकिन इसे और अपडेट करने की बात की जा रही हैं।
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शहर में पार्किंग को लेकर सर्वे
शहर के किस क्षेत्र में कहां पर पार्किंग बनाई जा सकती है। किस क्षेत्र में कितने कार्यालय, दुकान, काम्प्लेक्स आदि है। इसको लेकर एमडीडीए की ओर से एक व्यापक सर्वे किया जाएगा। एमडीडीए वीसी आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि शासन की ओर से यह सर्वे करने का निर्देश दिया गया है। इसको लेकर जल्द ही कदम उठाया जाएगा।