देहरादून। द दून स्कूल मॉडल यूनाइटेड नेशन (डीएसएमयूएन) कॉन्फ्रेंस 2012 का समापन अफगानिस्तान में न्यूक्लियर पदार्थ से भरे विमान का गायब हो जाने की आपातकालीन स्थिति पर प्रस्ताव पारित करने के साथ हुआ। रविवार को आपातकाल स्थिति और जनरल असेंबली कॉन्फ्रेंस में यही मुद्दा छाया रहा। डेलीगेट्स को तैयारी के लिए काफी कम समय मिला, लेकिन विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे डेलीगेट्स ने बखूबी अपने तर्क रखे। नॉर्थ कोरिया और ईरान डेलीगेट्स में हुई आरोप प्रत्यारोप की बहस ने सबका ध्यान खींचा।
समापन समारोह में पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री और दून स्कूल के पूर्व छात्र मनप्रीत सिंह बादल मुख्य अतिथि रहे। विभिन्न कमेटी चेयरपर्सन ने कमेटी रिपोर्ट प्रस्तुत की। तीन दिन चली कॉन्फ्रेंस के विजेता भी घोषित किए गए। बेस्ट डेलीगेशन ओवरऑल का खिताब पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने वाले श्री राम स्कूल, अरावली को मिला। वहीं जनरल असेंबली और आपातकालीन स्थिति में सर्वश्रेष्ठ बना पाईनग्रोव स्कूल, हिमाचल प्रदेश।
मुख्य अतिथि ने छात्रों को पढ़ने, लिखने और सोचने की कला के साथ संपूर्ण व्यक्तित्व बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने भारत की आजादी में योगदान देने वालों का सम्मान करे और अपने भारत को आगे ले जाने के लिए आगे बढ़ने को भी प्रोत्साहित किया। मनप्रीत बादल ने कहा कि युवा पीढ़ी जो करना चाहती है, उसके लिए आगे बढ़े, किसी का इंतजार न करे। हेडमास्टर डॉ. पीटर मैक्लॉगलिन ने डीएसएमयूएन में प्रतिभाग करने वाले सभी 27 स्कूलों को सम्मानित किया गया। डीएसएमयूएन फैकल्टी एडवाइजर राशिद शर्फुद्दीन ने कॉन्फ्रेंस रिपोर्ट दी और सभी का धन्यवाद किया। समारोह में श्रीमति मैक्लॉगलिन, पीयूष मालवीय भी मौजूद रहे।
दून स्कूल की हर याद है खुशनुमा : बादल
दून स्कूल पहुंचे यहां के पूर्व छात्र मनप्रीत बादल का कहना है, दून स्कूल की हर याद खुशनुमा है। वह कहते हैं कि दून स्कूल के दोस्तों के साथ वह आज तक बात करते हैं। मनप्रीत बादल के अनुसार दून स्कूल में दी गई सीख ही वह जीवन में अपना रहे हैं। दून के उस समय के हेडमास्टर ने उन्हें कहा था कि जीवन में एक कठिन लेकिन सही राह होगी और एक आसान पर गलती की संभावना वाली राह होगी। इसलिए हमेशा कठिन पर सही राह को चुनना। पंजाब पीपल्स पार्टी के गठन को भी उन्होंने इसी राह पर चलना बताया।