बारिश और भूस्खलन के कारण यात्रा मार्गों पर करीब 61 हजार यात्री फंस गए हैं। जिसमें सर्वाधिक 27 हजार यात्री चमोली जनपद में फंसे हैं। आपदा से एक दिन पहले यानी 14 जून को करीब 45 हजार तीर्थयात्रियों ने पवित्र धामों के दर्शन किए थे। मंगलवार तक कोई भी बड़ा वाहन ऋषिकेश नहीं पहुंचा।
यात्रा प्रशासन संगठन के अनुसार यात्रा मार्ग पर सर्वाधिक 27 हजार यात्री चमोली जनपद में बदरीनाथ और हेमकुंड यात्रा रूट पर फंसे हैं। रुद्रप्रयाग जनपद में करीब 25 हजार और उत्तरकाशी जनपद में करीब नौ हजार यात्री फंसे हैं। संबंधित जनपदों की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
13 हजार यात्री केदारनाथ पहुंचे थे
बताया कि प्राकृतिक आपदा से एक दिन पहले 14 जून को करीब 45 हजार यात्री केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब पहुंचे थे। इनमें सर्वाधिक करीब 13 हजार यात्री केदारनाथ पहुंचे थे। हेमकुंड साहिब करीब चार हजार यात्री पहुंचे। लिहाजा, इन यात्रियों के यात्रा मार्ग पर फंसे होने की संभावना है।
जनपद-फंसे यात्री
चमोली-27,040
रुद्रप्रयाग-25,000
उत्तरकाशी-9850
आपदा से पूर्व 14 जून को विभिन्न धाम पहुंचे यात्री
गंगोत्री - 7544
यमुनोत्री-8833
केदारनाथ-13,252
बदरीनाथ-11,212
हेमकुंड-4550
कुल यात्रियों की संख्या-45,391