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आत्महत्या प्रकरण की होगी मजिस्ट्रीयल जांच

Tue, 02 Oct 2018 02:06 AM IST
lalitpur
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अपराध - फोटो : sample
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ललितपुर। मड़ावरा एसडीएम के आत्महत्या मामले में पुलिस प्रशासन को स्तब्ध कर दिया है। जहां इस घटना का कारण न मिल पाने से कयास लगाए जा रहे हैं, वहीं मंडलीय अधिकारी भी जिला मुख्यालय पहुंचकर मामले की जानकारी कर रहे हैं। डीएम ने मामले की जांच के लिए मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए हैं।
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मड़ावरा एसडीएम की आत्महत्या के मामले में तमाम कयास लगाए जा रहे हैं। इस दौरान उनके साथ काम कर रहे अधिकारियों ने उनके कार्य की प्रशंसा करते हुए इस कदम को गलत बताया। क्षेत्रवासी भी एसडीएम के कार्यकाल को अच्छा बता रहे हैं। वहीं परिजन भी ऐसे किसी कारण को इस घटना से नहीं जोड़ रहे हैं। बच्चे के बीमार रहने और तबादले का तनाव होने की बात को खारिज करते हुए एसडीएम के भाई देवेंद्र कांडपाल ने बताया कि इस तरह की कोई समस्या नहीं थी। बच्चा काफी समय से बीमार था तो यह आत्महत्या का कारण नहीं बनता है। वहीं प्रशासनिक अधिकारी होने के नाते पूरे प्रदेश में अधिकारियों के स्थानांतरण होते हैं और वह कभी भी इनसे परेशान नहीं हुए। हालांकि कभी-कभी अधिक कार्य होने की बात कहते थे, लेकिन बहादुर अफसर भी थे। इतनी आसानी से जिंदगी की जंग हारने वाले अधिकारी नहीं थे। वहीं मंडलायुक्त कुमुदलता श्रीवास्तव और डीआईजी ने भी मुख्यालय पहुंचकर मामले की जानकारी की।   
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने एसडीएम की मौत का कारण स्पष्ट न हो पाने के कारण मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दे दिए हैं। अपर जिला मजिस्ट्रेट मामले के हर पहलू की जांच करते हुए एक महीने में जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगे।  
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पहुंचे श्रम मंत्री, दी सांत्वना  
पोस्टमार्टम के दौरान एसडीएम के परिजन सर्किट हाउस में रुके हुए थे। इस दौरान श्रम और सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ने पत्नी पिंकी व अन्य परिजनों से मुलाकात की। राज्यमंत्री ने बताया कि परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है और उन्होंने परिवार के लिए आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। इस पर उन्होंने सदर उपजिलाधिकारी घनश्याम वर्मा से बात कर आर्थिक मदद के लिए पत्र लिखने की बात कही। वहीं उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि वह खुद मुख्यमंत्री से मिलकर आर्थिक मदद दिलवाने के लिए पैरवी करेंगे।  

मुंह के अंदर बंदूक डालकर मारी गोली
जानकारी के अनुसार एसडीएम होमगार्ड की बंदूक को लेकर कमरे में चले गए और कमरे को अंदर से बंद कर मुंह में बंदूक रखकर गोली मार ली। इससे गोली दोनो जबड़ों को तोड़ती हुई सिर से बाहर निकल गई। इससे सिर में बाईं ओर का हिस्सा पूरी तरह उड़ गया। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने दरवाजा तोड़कर उनका शव बाहर निकाला। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार शरीर में कहीं कोई चोट के निशान नहीं मिले। अनुमान लगाया जा रहा है कि एसडीएम ने जमीन पर बैठकर रायफल को दीवार से सटाकर गोली मारी होगी।  

शव देख पत्नी हुई बेहोश
सोमवार को सुबह ही उनका परिवार उनका शव लेने मुरादाबाद से ललितपुर पहुंचा। पत्नी की हालत देख कर सबकी आँखों में आंसू आ गए। पति का शव देखते ही पत्नी बेहोश हो गयी। किसी तरह परिजनों ने उन्हें संभाला। इस दौरान वह सिर्फ आत्महत्या का कारण ही पूछती नजर आईं। पोस्टमार्टम हाउस से सर्किट हाउस पहुंचने के बाद परिजनों से जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक डा. ओपी सिंह समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी परिजनों से मिलने पहुंचे। इस दौरान परिजन सिर्फ आत्महत्या का कारण ही पूछते नजर आए। इसपर अधिकारियों ने बताया कि कारण के संबंध में कोई भी ऐसा साक्ष्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे कुछ संदिग्ध हो। करीब एक घंटे तक चली मुलाकात के दौरान अधिकारी और परिजन घटना के संबंध में जानकारियां साझा करते रहे।  

जमे रहे अफसर  
एसडीएम के पोस्टमार्टम के दौरान प्रमुख अफसर पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद रहे। इस दौरान जिलाधिकारी और एसपी भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। वहीं एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह, एएसपी अवधेश कुमार विजेता, सीओ सिटी हिमांशु गौरव, एसडीएम घनश्याम वर्मा, महरौनी एसडीएम धीरेंद्र प्रताप सिंह, सीओ श्याम नारायण समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।  

मीडिया को रखा दूर  
प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों से मुलाकात के दौरान मीडिया से दूरी बनाए रखी और आसपास भी नहीं आने दिया। वहीं अधिकारियों के जाने के बाद भी परिजनों को पुलिस सुरक्षा में बाहर निकाला और मुरादाबाद रवाना कर दिया। परिजनों के आसपास सिर्फ पुलिस और प्रशासन के अधिकारी ही नजर आए। इस दौरान अधिकारियों के चेहरे पर आत्महत्या के मामले में तनाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।

खाना खाने और फोन कॉल का किया खंडन
रविवार को बताया गया था कि खाना खाते समय एक कॉल आई और इसके बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली। इस संबंध में अधिकारी दोनो ही बातों का खंडन करते नजर आए। जिलाधिकारी ने बताया कि लगभग दो घंटे पहले ही वह रायफल के बारे में जानकारी एकत्र कर रहे थे। आवास पहुंचने पर रसोइया ने सिर्फ खाना लगाया ही था और इसी दौरान उन्होंने आत्महत्या कर ली। वहीं अभी भी मृतक एसडीएम के ड्राइवर, होमगार्ड और रसोइया सामने नहीं आ सके हैं। पुलिस ने बताया कि उनसे पूछताछ की जा रही है प्रत्यक्षदर्शी होने के कारण उनसे घटना की जानकारी ली जा रही है।


आत्महत्या जीवन का आखिरी कदम है। यह उस समय व्यक्ति उठाता है जब समस्याओं का कोई निदान नजर नहीं आता है। काम की अधिकता या पारिवारिक समस्या भी इसका कारण हो सकती है या किसी प्रकार का दबाव भी कारण बन सकता है। कई बार काफी लंबे समय तक व्यक्ति आत्महत्या की प्लानिंग करता है और संशय में रहता है और यकायक कोई बात मन में आते ही यह कदम उठा लेता है। वहीं कई बार कोई प्लानिंग न होते हुए भी कुछ अचानक हुई बात इसका कारण बन सकती है। उपजिलाधिकारी को भी किसी बात का तनाव या समस्या रही होगी जो आत्महत्या के रूप में सामने आई।   
डॉ. संजीव शर्मा, मनोचिकित्सक

कांग्रेसियों ने रामधुन स्थगित कर शोक सभा की आयोजित
मड़ावरा एसडीएम का निधन होने से सभी कार्यक्रम किये स्थगित
महरौनी - ब्लाक कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान मे पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अन्तर्गत एक अक्टूबर को जो रामधुन रैली कस्वा मे निकाली जानी थी वह विगत दिवस एसडीएम मड़ावरा के आकस्मिक निधन होने के चलते स्थगित करनी पडी। तो वहीं नगर के इन्दिरा चौराहे पर शोक सभा आयोजित कर मडावरा एसडीएम रहे हेमेन्द्र कुमार को दो मिनट का मौन धारण कर शोक संवेदनाएं व्यक्त की गयी।इस मौके पर जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, राज बहादुर, कैलाश नारायण सिसौदिया, सूर्यप्रताप सिंह, जमीदार लक्ष्मीकांत वर्मा, अभिषेक सिंघई, दयाशंकर रजक, राजेश, लक्ष्मी नारायण सहित अनेक कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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