हरियाणा के नारनौल में नाबालिग के साथ यौन शोषण के मामले में न्यायालय ने दोषी को पांच साल की कठोर कारावास के साथ 75 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी पड़ेगी। वहीं न्यायालय ने लीगल एड को पीड़िता के परिवार को एक लाख की सहायता राशि प्रदान करने के आदेश दिए हैं।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि महेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा की गई दमदार पैरवी पर नाबालिग के साथ यौन शोषण करने के मामले में 31 मार्च को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमनदीप दीवान की विशेष अदालत ने आरोपी रामसिंह को दोषी करार देते हुए धारा 506 आईपीसी के तहत दो साल और धारा आठ पॉक्सो एक्ट के तहत पांच वर्ष कठोर कारावास की सजा और कुल 75 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि नहीं भरने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी पड़ेगी।
मामले के अनुसार 20 मार्च 2021 को नाबालिग पीड़िता के बयान पर थाना सतनाली में मामला दर्ज किया गया था, जिसमें आरोपी के द्वारा नाबालिग पीड़िता के साथ यौन शोषण करने के आरोप थे। इस संबंध में थाना सतनाली पुलिस ने अविलंब आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत अभियोग पंजीबद्ध किया था। मामले की सुनवाई न्यायाधीश अमनदीप दीवान की फास्ट ट्रैक कोर्ट नारनौल में हुई।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान उप जिला न्यायवादी भारत भूषण दहिया ने मामले में अभियोजन के पक्ष में प्रभावशाली पैरवी करते हुए न्यायाधीश के सम्मुख दलीलें पेश करते हुए आरोपी को सजा दिलाने में भूमिका निभाई। सुनवाई के दौरान माननीय न्यायालय ने मामले को बहुत ही संगीन माना और जांच इकाई की उत्कृष्ट पैरवी एवं प्रॉसीक्यूशन द्वारा पेश की गई मजबूत दलीलों से दोषी की सजा में कोई नरमी नहीं बरती।