यह पूछने पर कि क्या वे बारिश और आसमान के बादलों के छाए रहने की संभावना पर भी गौर करेंगे, कोहली ने कहा, 'एक टीम जिसकी बल्लेबाजी में पर्याप्त गहराई और गेंदबाजी संसाधन होंगे।' यह पूछने पर कि क्या यह उनके करियर का सबसे बड़ा क्रिकेट मुकाबला है तो कोहली ने कहा, 'नहीं। यह एक अन्य टेस्ट मैच है। ये सारी चीजें (डब्ल्यूटीसी फाइनल) बाहर से अच्छी लगती हैं। कोई एक मुकाबला करो या मरो का मुकाबला नहीं बन सकता। यह शानदार लम्हा है लेकिन क्रिकेट भी जीवन की तरह आगे बढ़ता है।'
भारतीय कप्तान और उनकी टीम के लिए डब्ल्यूटीसी फाइनल टेस्ट पदार्पण की तरह है, जिससे युवा खिलाड़ी टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'इस मौके का लुत्फ उठाने की जरूरत है और टीम में जगह बनाने की कोशिश में जुटे युवा खिलाड़ियों के रूप में खेले गए पहले टेस्ट से अधिक महत्वपूर्ण नहीं है। हमने अपनी क्षमताओं पर भरोसा करने की जरूरत है। यह बल्ले और गेंद के बीच मुकाबला है।'
भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण पहली विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के बीच में अंक प्रणाली में बदलाव के बाद उनकी टीम और अधिक भूखी और प्रतिबद्ध हो गई थी। बता दें कि आईसीसी ने वैश्विक स्वास्थ्य संकट के कारण कई निर्धारित श्रृंखलाओं के रद्द होने के बाद फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की पात्रता को अधिकतम अंक से बदलकर खेले गए मैचों में प्रतिशत अंक कर दिया था। फाइनल की पूर्व संध्या पर कप्तान ने कहा, 'इससे हम और अधिक प्रतिबद्ध हो गए और हमें और अधिक स्पष्टता मिली कि हम कहां जाना चाहते हैं और हम क्या हासिल करना चाहते हैं, इसलिए अगर हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो संभवत: यह अच्छी चीज हुई थी।' डब्ल्यूटीसी चक्र में बदलाव की चाहत के बारे में पूछने पर कोहली ने कहा, 'सबसे पहले तो रातों रात नियम नहीं बदले जाने चाहिए।' उन्होंने कहा, 'साथ ही जो टीमें किसी कारण से श्रृंखला में नहीं खेली, उनके लिए कोई नियम होना चाहिए कि इसके बाद क्या होगा। यह सही दिशा में सकारात्मक कदम होगा।'
विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, रविंद्र जडेजा, आर अश्विन, जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी।