तीनों प्रारूपों में महेंद्र सिंह धोनी से कप्तानी का दायित्व संभालने के बाद विराट कोहली के पास पहली बार आईसीसी ट्रॉफी जीतने का मौका था लेकिन वो फिर नाकाम रहे। जी हां, विराट की टोली आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची थी लेकिन न्यूजीलैंड से हार का सामना करना पड़ा। वर्षावाधित इस खिताबी मुकाबले में न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को आठ विकेट से हराकर डब्ल्यूटीसी फाइनल का खिताब अपने कर लिया। यह पहली बार नहीं है जब कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया फाइनल में पहुंचकर हार गई हो, इससे पहले भी विराट के नेतृत्व में टीम 2017 के चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची थी लेकिन पाकिस्तान से हार का सामना करना पड़ा। उसके बाद 2019 के वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हारे।
कोहली की अक्सर इस बात के लिए आलोचना की जाती थी कि वह अपनी कप्तानी में भारत को आईसीसी लेवल का टूर्नामेंट कब जिताएंगे? उनके लिए टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल जीतने का बेहतर मौका था लेकिन भारतीय कप्तान यहां भी सफल नहीं रहे। बतौर कप्तान विराट कोहली ने अपना लोहा मनवाया है हालांकि महेंद्र सिंह धोनी से तुलना उनके लिए आसान नहीं रही है। आलोचकों का मुंह बंद करने के लिए कोहली को एक अदद खिताब की दरकार थी। हर कप्तान को होती है लेकिन भारतीय कप्तान को सबसे ज्यादा थी। मगर विराट फिर फेल हुए।