23 फरवरी से शुरु होने जा रही महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल 2024) की तैयारियां हो चुकी हैं। पुरुष आईपीएल की तर्ज पर पिछले साल शुरु हुई इस लीग का पहला खिताब मुंबई इंडियंस ने जीता। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम ने दिल्ली कैपिटल्स को इस लीग के फाइनल मैच में हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी।
मुंबई इंडियंस ने इस टूर्नामेंट के पहले सीजन में आठ में से छह मुकाबले अपने नाम किए थे। बेहतर नेट रनरेट की वजह से दिल्ली कैपिटल्स अंक तालिका में शीर्ष पर रही। वहीं, एमआई +1.711 के नेट रनरेट के साथ दूसरे स्थान पर रही। आगामी सीजन का पहला मुकाबला मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच इसी महीने शुक्रवार को खेला जाएगा। इस मैच में दोनों टीमों अच्छी शुरुआत करना चाहेंगी।
पिछले सीजन में जीत के बाद मुंबई इंडियंस ने डब्ल्यूपीएल 2024 की नीलामी से पहले हीदर ग्राहम, धरा गुज्जर, सोनम यादव और नीलम बिष्ट को रिलीज कर दिया जबकि 13 खिलाड़ियों को रिटेन किया। वहीं, शबनिम इस्माइल को 1.20 करोंड़ रुपये की मोटी रकम खर्च कर टीम में जोड़ा जबकि एस सजना, अमनदीप कौर, कीर्तन बालाकृष्णन और फातिमा जाफर को भी टीम में शामिल किया गया है।
आज हम मुंबई इंडियंस की टीम का विश्लेषण करेंगे और जानेंगे कि टीम महिला प्रीमियर लीग के दूसरे सीजन के लिए कितनी तैयार है।
ऑलराउंडर्स हैं MI की ताकत
किसी भी अन्य टीम की तुलना में मुंबई के पास सबसे ज्यादा ताकतवर ऑलराउंडर मौजूद हैं। हीली मैथ्यूज, नताली सीवर ब्रंट और अमेलिया केर टीम की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल हैं जो तेजी से रन बनाने और नियमित अंतराल पर विकेट लेने में सक्षम हैं। पिछले सीजन में नताली सीवर ब्रंट ने 332 रन बनाकर और 10 विकेट चटकाकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं, हीली मैथ्यूज 215 रन और 16 विकेट हासिल करने में कामयाब हुई थीं। मुंबई की तरफ से वह सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज थीं। इसके अलावा टीम में हरमनप्रीत कौर जैसी बल्लेबाज भी मौजूद हैं जो किसी भी परिस्थिति में मैच पलटने का माद्दा रखती हैं।
इन कमजोरियों से निपटना होगा
पिछले साल मुंबई इंडियंस के पास कोई फुल-टाइम पेसर नहीं थी। इसी कमी को दूर करने के लिए गत विजेता टीम ने इस साल दक्षिण अफ्रीका की तेज गेंदबाज शबनिम इस्माइल को अपने साथ जोड़ा है जो दुनिया की सबसे तेज गेंदबाजों में से एक हैं। हालांकि, मुंबई इंडियंस के ऑलराउंडर्स ने टीम में तेज गेंदबाजों की कमी को उजागर नहीं होने दिया। एमआई में शामिल भारतीय तेज गेंदबाजों की बात करें तो ये खेमा खासा मजबूत नजर नहीं आ रहा है। पूजा वस्राकर भारत के लिए लगातार गेंदबाजी करती हैं लेकिन पिछले वर्ष पूरे सीजन में उन्हें सिर्फ 4 ओवर गेंदबाजी का मौका मिला। अमनजोत कौर एक पेसर के तौर पर टीम में तो हैं लेकिन दबाव की परिस्थिति में विकेट निकालने के लिए उन पर भरोसा करना कप्तान के लिए मुश्किल होगा।
इस अवसर का लाभ उठा सकती है टीम
मुंबई के पास चार ऑलराउंडर्स मौजूद हैं जिन्हें वह प्लेइंग 11 का हिस्सा बना सकती है। हालांकि, इससे उनके गेंदबाजी आक्रमण पर असर पड़ सकता है। दरअसल, नताली सीवर ब्रंट, मैथ्यूज और अमेलिया केर को बाहर बैठाना टीम के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट शबनिम इस्माइल को मौका दे सकती है। उनके आने से इसाबेल वोंग पर गाज गिर सकती है जिन्होंने पिछले सीजन में टीम के लिए 15 विकेट हासिल किए थे।
तेज गेंदबाजों की कमी बन सकती है मुसीबत
तेज गेंदबाजी के अनुकूल परिस्थिति में काम करने के लिए मुंबई इंडियंस के पास शबनिम इस्माइल और इस्सी वोंग मौजूद हैं, लेकिन अगर पिच स्पिनरों को मदद नहीं करती है तो क्या ये गेंदबाज विरोधी टीम के खिलाफ आग उगलने में सफल होंगी। एमआई की ओवरऑल टीम पर नज़र डालें तो अधिकांश कमियों को दूर कर लिया गया है। हालांकि, पेसर्स की कमी टीम को कहीं न कहीं खल सकती है।