युवराज सिंह ने किया बड़ा खुलासा
शो में युवराज सिंह ने बताया कि वे और एम एस धोनी दोनों टीम इंडिया के लिए खेलते थे, लेकिन वो दोनों कभी भी अच्छे दोस्त नहीं रहे। उन्होंने कहा कि टीम में भले ही वे एकसाथ रहे, लेकिन वास्तविक जीवनशैली अलग-अलग होने के कारण वे कभी मैदान के बाहर अच्छे दोस्त नहीं बन पाए।
युवराज ने कहा, 'मैं और माही जिगरी दोस्त नहीं हैं, हम केवल क्रिकेट की वजह से दोस्त थे। हमने साथ में खेला है। माही की जीवनशैली मुझसे बिलकुल अलग थी और इसलिए हम कभी भी जिगरी दोस्त नहीं बन पाए। जब मैं और माही मैदान पर जाते थे, तो हम दोनों अपना 100 प्रतिशत से ज्यादा देते थे। उस समय वह टीम के कप्तान थे और मैं उपकप्तान। जब मैं टीम में आया तब मैं चार साल जूनियर था। जब आप कप्तान और उपकप्तान होते हैं तो आपके निर्णय में मतभेद भी होते हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'कभी-कभी वह जो भी निर्णय लेते थे मुझे वह पसंद नहीं आता था। कभी मैं जो निर्णय लेता था, वह उन्हें पसंद नहीं आता था। यह हर टीम में होता है। जब मैं अपने करियर के आखिरी दौर में था, तब मैंने उनसे सलाह मांगी थी। वह वही व्यक्ति थे, जिन्होंने मुझे बताया कि चयन समिति फिलहाल आपके बारे में नहीं सोच रही है और यह 2019 वर्ल्ड कप के ठीक पहले की बात थी।'
उन्होंने आगे बताया, 'एक बार ऐसा भी हुआ कि धोनी घायल थे और उनकी जगह मैं रनर के तौर पर दौड़ रहा था। मुझे याद है कि एक बार वह 90 के स्कोर में खेल रहे थे और मैं उन्हें स्ट्राइक देने की कोशिश कर रहा था जिससे की वह अपना शतक पूरा करें। जब मैं वर्ल्ड कप मैच में नीदरलैंड के खिलाफ 48 रन पर नाबाद खेल रहा था, तब उन्होंने मेरा अर्धशतक पूरा करने के लिए दो गेंदें रोकी थी।'
युवराज ने टीम इंडिया के लिए 40 टेस्ट मुकाबलों में 33.92 की औसत से 1900 रन बनाए जिसमें तीन शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं उन्होंने 304 वनडे खेलते हुए 14 शतक और 52 अर्धशतक की मदद से 8701 रन बनाए। टी20 में युवराज में आठ अर्धशतक की मदद से 58 मैचों में भारत के लिए 1177 रन बनाए।