ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट जगत में इन दिनों निखिल चौधरी का नाम चर्चा में है। भारतीय मूल का यह खिलाड़ी बिग बैश लीग में कमाल कर रहा है। भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा रहा यह ऑलराउंडर ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम में भी आ सकता है। होबार्ट हरिकेंस के लिए निखिल युवा सितारे के रूप में उभरे हैं। भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले 27 वर्षीय खिलाड़ी ने मेलबर्न स्टार्स के खिलाफ पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस राउफ की जमकर धुनाई की। उन्होंने सिर्फ 16 गेंदों में 32 रन बनाए। सिडनी थंडर के खिलाफ निखिल ने गेंद से बेहतरीन प्रदर्शन किया और दो विकेट लेकर अपनी टीम को जीत दिलाई।
मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले निखिल कम उम्र में अपने परिवार के साथ पंजाब चले गए। वह तेज गेंदबाज बनना चाहते थे और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली का एक्शन कॉपी करते थे। उन्होंने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से बातचीत में कई खुलासे किए हैं। निखिल ने कहा "मैंने एक तेज गेंदबाज के रूप में शुरुआत की। मैं ब्रेट ली जैसा ही एक्शन चाहता था जैसा स्कूल में हर कोई करता था।"
तेज गेंदबाज बनने का सपना तो कभी पूरा नहीं हो सका लेकिन एक ऑलराउंडर के रूप में निखिल को अंडर-19 क्रिकेट टीम के लिए सफलता मिली और उन्हें पंजाब टीम के लिए भी चुना गया। वह हरभजन सिंह और युवराज सिंह जैसे दिग्गजों के साथ खेले। युवराज पर उन्होंने कहा "मैंने उनसे बहुत सी चीजें सीखीं, जैसे कि पारी कैसे बनाई जाए, बड़े लक्ष्यों का सामना कैसे किया जाए और पारी में गहराई तक कैसे जाया जाए। मैं खेल के किसी भी चरण में रन बनाने की अपनी क्षमता जानता था। मैं वास्तव में आईपीएल खेलना चाहता था और भारत के लिए भी खेलना चाहता था।"
2019 में, चौधरी ने मुंबई इंडियंस के साथ दो बार ट्रायल किया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। हालांकि, जब वह अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने के लिए ब्रिसबेन गए और कोरोना के कारण सीमाएं बंद हो गईं। इसके बाद चीजें बदल गईं। निखिल ने ऑस्ट्रेलिया में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया। उन्होंने कहा, "यह भारत से बिल्कुल अलग है और मुझे यहां की संस्कृति पसंद है। मैं ऑस्ट्रेलिया में अपने क्रिकेट को आगे बढ़ाना चाहता था। मैं बस बदलाव चाहता था और एक व्यक्ति के रूप में विकसित होना चाहता था।"
ऑस्ट्रेलिया पोस्ट में एक कूरियर के रूप में काम करते हुए चौधरी ने क्लब क्रिकेट खेलना शुरू किया। उनके कोच जेम्स होप्स (पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर) ने होबार्ट हरिकेंस के लिए उनके नाम की सिफारिश की, जिसके कारण अंततः उन्हें बीबीएल अनुबंध मिला। इसके बाद वह उन्मुक्त चंद के बाद बीबीएल में खेलने वाले दूसरे भारत में जन्मे क्रिकेटर बन गए और बहुत कम समय में उन्होंने खुद को होबार्ट हरीकेन के लिए एक अहम खिलाड़ी साबित किया है।