आईपीएल-8 में युवराज सिंह एक बार फिर एक नई टीम से खेल रहे हैं और इस बार उनकी नई टीम है दिल्ली डेयरडेविल्स। दिल्ली ने उन्हें 16 करोड़ रुपए में खरीदा है।
युवराज सिंह के लिए चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ यह मैच दोहरी चुनौती वाला था, पहला खुद को अभी भी कीमती बल्लेबाज के रूप में साबित करना और दूसरा पिता योगराज के बयान के बाद भारतीय वनडे टीम के कप्तान धोनी के साथ अपने संबंध मधुर बनाए रखना। हालांकि वह बल्लेबाजी में नाकाम तो रह गए लेकिन मैच के बाद वह धोनी के साथ अपने पुराने अच्छे दिनों को इस बार भी कायम रखने में कामयाब हो गए।
पिता योगराज सिंह के धोनी पर कई विवादास्पद बयान देने के बाद पहली बार युवराज सिंह और धोनी के बीच कल रात मैदान पर मुलाकात हुई।
नई टीम बनाई फिर भी हार से हुई शुरुआत
चेन्नई में चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली डेयरडेविल्स दोनों ही टीमों का इस सत्र में पहला मुकाबला था और उम्मीद के मुताबिक मुकाबला बेहद कांटे का भी रहा। अंतिम गेंद पर दिल्ली जीत के लिए जरूरी एक रन नहीं बना सका और उसे मुकाबला गंवाना पड़ गया। दिल्ली की शुरुआत इस बार भी खराब रही।
चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 150 रन बनाए जिसके जवाब में दिल्ली की टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 149 रन ही बना सकी।
दिल्ली ने इस बार शानदार प्रदर्शन के लिए बिल्कुल नई टीम तैयार की है लेकिन उसकी शुरुआत हार से हुई।
चेन्नई की टीम ने लगाया ऐसा 'छक्का'
आईपीएल क्रिकेट में ऐसा छठी बार हुआ है जब चेन्नई ने 150 या उससे कम का स्कोर करने के बाद अपने लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव किया। हालांकि इस मामले में वह कोलकाता नाइटराइडर्स से पीछे है क्योंकि इस टीम ने यह कारनामा 7 बार किया है।
वहीं चेन्नई के कप्तान और विकेटकीपर धोनी ने आईपीएल में विकेट के पीछे सबसे ज्यादा शिकार करने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। उन्होंने अब तक कुल 67 शिकार किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब किंग्स इलेवन के पूर्व कप्तान एडम गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड की बराबरी की है।
युवराज के आउट होने के बाद धोनी ने उन्हें देखा तक नहीं!
चेन्नई के कप्तान और दिल्ली के नए बल्लेबाज युवराज सिंह से मुलाकात पर सभी की निगाहें टिकी थीं कि दोनों का सामना आपस में होता है या नहीं। लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली को खराब शुरुआत के बाद धाकड़ बल्लेबाज युवराज सिंह से आस थी कि वो कुछ बेहतर करेंगे जिससे टीम मैच में बनी रहे लेकिन वह कोई कमाल नहीं कर सके और सस्ते में आउट हो गए।
छठे नंबर पर आए युवराज ने खेले सिर्फ 6 गेंद
विकेटों के पतन के बाद भी युवराज सिंह को रोके रखा गया कि वह बाद में काम आएंगे और इस लिहाज से उन्हें छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने भेजा गया लेकिन 6 गेंद में 9 रन बनाकर कैच आउट हो गए। वह आउट होकर जब पवेलियन जा रहे थे तो धोनी ने उनकी तरफ देखा भी नहीं। तब ऐसा लगा कि दोनों के बीच नाराजगी बनी हुई है।
मैच के बाद जब मिले ये बड़े सितारे
हालांकि ये सारे कयास उस समय खत्म हो गए जब मैच के बाद दोनों दिग्गज खिलाड़ी आपस में मिले और हंसी-मजाक करते दिखे। युवराज ने पहले ही अपने पिता की उन बातों से किनारा कर लिया था जिसमें उन्होंने धोनी पर गंभीर आरोप लगाए और उनकी बर्बादी का श्राप भी दे दिया था।
वैसे बताते चले कि कुछ साल पहले तक धोनी और युवराज एक अच्छे दोस्त थे और अभी भी हैं ऐसा दोनों की ओर से कहा जाता रहा है, लेकिन उनके अंदर क्या है ये तो वही बता सकते हैं।