ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टेस्ट कप्तान टिम पेन ने पैट कमिंस की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि में भारत के खिलाफ विश्व कप फाइनल में उनकी कप्तानी और गेंदबाजी लाजवाब थी। कमिंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। उन्होंने 10 ओवर में 34 रन देकर विराट कोहली और श्रेयस अय्यर के कीमती विकेट लिए और भारत को 240 रन पर रोकने में अहम भूमिका निभाई।
पेन ने एसईएन रेडियो से कहा, ''जब हमने टॉस जीता तो मुझे लगता है कि पैट कमिंस ने पहले गेंदबाजी का फैसला करके सभी को थोड़ा हैरानी में डाल दिया था। डर इस बात का था कि भारतीय पिच होने और इसके शुष्क होने के कारण यह धीमी हो सकती है और इससे स्पिनरों को मदद मिल सकती है लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इसके बजाय यह बल्लेबाजी के लिए थोड़ा बेहतर हो गई।''
पेन ने कहा कि कमिंस ने फाइनल में एक भी गलत फैसला नहीं किया। उन्होंने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि फाइनल में कमिंस का कोई भी फैसला गलत गया। उन्होंने बेजोड़ प्रदर्शन किया और काफी श्रेय उन्हें जाता है। एंड्रयू मैकडॉनल्ड और उनका कोचिंग स्टाफ भी श्रेय का हकदार है।''
मैच में क्या हुआ?
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। भारतीय टीम 50 ओवर में 240 रन पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया ने 43 ओवर में चार विकेट पर 241 रन बनाकर मैच को जीत लिया। कंगारू टीम के लिए ट्रेविस हेड ने 141 रन की मैज जिताऊ पारी खेली। मार्नश लाबुशेन ने नाबाद 58 रन बनाए। मिचेल मार्श 15, डेविड वॉर्नर सात, स्टीव स्मिथ चार रन बनाकर आउट हुए। ग्लेन मैक्सवेल ने नाबाद दो रन बनाए।
ऑस्ट्रेलिया छठी बार विश्व विजेता बना है। वहीं, भारत का तीसरी बार ट्रॉफी जीतने का सपना टूट गया। उसने टूर्नामेंट में लगातार 10 मैच जीते, लेकिन 11वें मुकाबले में टीम पिछड़ गई। भारत को दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में हार का सामना करना पड़ा है। पिछली बार 2003 में रिकी पोंटिंग की कप्तानी वाली टीम ने हराया था।