कर्नाटक की राजधानी में बिजली सप्लाई कंपनी ने मां-बेटी की मौत मामले में सख्त कार्रवाई की है। बंगलूरू इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (BESCOM) ने करंट की चपेट में आने से हुई दर्दनाक मौत मामले में पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। दोनों की मौत के मामले में कंपनी ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। सभी अधिकारियों पर ड्यूटी में लापरवाही के आरोप लगे हैं।
बेस्कॉम की कार्रवाई के बारे में अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि काडुगोडी सब-डिविजन में रविवार को हुए हादसे में प्रारंभिक जांच के बाद दोषी पाए गए अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि इस हादसे में 23 साल की सौंदर्या और उनकी नौ महीने की बेटी लीला की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि तमिलनाडु के बंगलूरू आई सौंदर्या अपनी बेटी के साथ घर जा रही थी, इसी समय सड़क के किनारे गिरे बिजली के तार पर उसका पैर पड़ा। तार में करंट की सप्लाई हो रही थी। दोनों बुरी तरह झुलस गए।
हादसे की खबरों के अनुसार, सौंदर्या के पति संतोष ने पत्नी और नौ महीने की लाडली लीला को बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन वह दोनों को बचाने में नाकाम रहा। दोनों के सामान और ट्रॉली बैग घटनास्थल पर बिखरे देखे गए।
करंट की चपेट में आने से हुई दर्दनाक मौत के मामले में कार्रवाई के बाद बिजली सप्लाई कंपनी- BESCOM ने बयान जारी किया। कंपनी ने कहा कि जिन पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है, पुलिस ने हादसे के आरोपी के रूप में इन लोगों को गिरफ्तार भी किया है। बयान के मुताबिक रविवार तड़के करीब 5.30 बजे सौंदर्या और उनकी बेटी 11केवी बिजली के तार की चपेट में आ गए। बिजली का तार होप फार्म सिग्नल के पास गिरा था।
कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की और दोषी अधिकारियों को निलंबित करने का फरमान सुनाया। बेस्कॉम ने कहा है कि इस मामले में विस्तृत जांच कराई जाएगी। पुलिस ने बेस्कॉम के पांच कर्मचारियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304 ए के तहत लापरवाही के कारण मौत का मामला दर्ज किया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पांचों को गिरफ्तार भी किया गया। बाद में पुलिस ने इन लोगों को जमानत पर रिहा कर दिया।