महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त 2020 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। हालांकि, जिसने भी 10 जुलाई 2019 को भारत बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल मैच देखा था, माही के आउट होने पर सबको यकीन हो गया था कि वह अब क्रिकेट नहीं खेलेंगे। धोनी के रन आउट ने वह मैच पलट दिया था और टीम इंडिया न्यूजीलैंड से 18 रन से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। वह जिस तरह से मैदान से चेंज रूम तक पहुंचे थे और लोगों ने धोनी को स्टैंडिंग ओवेशन दिया था, फैंस को इस बात का अंदाजा हो गया था कि वह धोनी को भारतीय जर्सी में आखिरी बार देख रहे हैं। धोनी का करियर रन आउट से ही शुरू हुआ था और रन आउट पर ही खत्म हुआ। अब माही ने अपने आखिरी दिन और इसके पीछे की पूरी घटना पर बातचीत की है।
न्यूजीलैंड का सेमीफाइनल धोनी के करियर का आखिरी दिन
न्यूजीलैंड के खिलाफ 2019 विश्व कप का सेमीफाइनल खेलने के बाद धोनी अगले 13 महीने तक क्रिकेट से दूर रहे थे। किसी को नहीं पता था कि वह वापस आएंगे या संन्यास ले लेंगे। विश्व कप के बाद वेस्टइंडीज दौरे, दक्षिण अफ्रीका दौरे और श्रीलंका के खिलाफ सीरीज का हिस्सा नहीं थे। हालांकि, वह चेन्नई सुपर किंग्स का प्रतिनिधित्व करने के लिए लौटे थे। धोनी ने आईपीएल से पहले 15 अगस्त 2020 को सोशल मीडिया पर पोस्ट से संन्यास की घोषणा की थी। हालांकि, उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच वाले दिन को ही आखिरी दिन मान लिया था।
धोनी ने कार्यक्रम के दौरान पूरी घटना बताई
धोनी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा- जब आप एक करीबी गेम हार जाते हैं तो अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। अंदर ही अंदर मैंने अपनी पूरी योजना बना ली थी। मेरे लिए वह (2019 भारत बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल) आखिरी दिन था जब मैंने भारत के लिए क्रिकेट खेला। मैंने एक साल बाद संन्यास ले लिया, लेकिन सच यह है कि मैं उसी दिन रिटायर हो गया था। हम क्रिकेटरों को कुछ मशीनें और वह सब दी जाती हैं। इसलिए जब भी मैं ट्रेनर के पास जाता था तो मैं उन्हें वापस देता था। इस पर ट्रेनर कहते थे, 'नहीं, तुम इसे रखो।' तब मेरे दिमाग में ख्याल आता था कि मैं उन्हें कैसे बताऊं कि मुझे अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। मैं उस समय संन्यास की घोषणा नहीं करना चाहता था।
सीएसके के लिए अभी भी कर रहे हैं कमाल
एक क्रिकेटर के लिए संन्यास लेना कभी आसान नहीं होता, खासकर उन लोगों के लिए जिनका पूरा जीवन खेल के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। धोनी के मामले में भी ऐसा ही हुआ। भारत के लिए सीमित ओवरों के सबसे महान कप्तान, क्रिकेट इतिहास में आईसीसी के तीनों बड़े टूर्नामेंट जीतने वाले एकमात्र कप्तान, उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का इतना दुखद अंत होगा ये किसी ने नहीं सोचा था। हालांकि, धोनी का जलवा अभी भी आईपीएल में बरकरार है और इसी साल उनकी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स ने पांचवीं बार खिताब जीता था।
धोनी के दिमाग में चल रही थी ये बातें
धोनी ने कहा- आप भावनाओं से भरे होते हैं। पिछले 12-15 वर्षों में आपने केवल एक चीज की है और वह है क्रिकेट खेलना। आप सोचते हैं और आगे आपके देश का प्रतिनिधित्व करने का कोई मौका नहीं है। बहुत सारे लोग इस मौके की तलाश में हैं, लेकिन केवल कुछ ही लोगों को यह अवसर मिलता है। आप चाहे कोई भी खेल खेलें, आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं। चाहे वह राष्ट्रमंडल खेल हों, ओलंपिक हों। इसलिए एक बार जब मैंने क्रिकेट छोड़ दिया, तो मेरे पास वापसी का कोई तरीका नहीं होता। मैं फिर अपने देश के लिए कुछ नहीं कर सकूंगा। ये सभी चीजें दिमाग में चल रही थीं।