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IND vs AUS Analysis: मध्यक्रम बना संकटमोचक, आलोचना झेलने वाले राहुल ने कोहली के साथ मिलकर भारत को दिलाई जीत

Sun, 08 Oct 2023 11:18 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

तीनों ही खिलाड़ियों की गेंद साधारण थी और भारतीय बल्लेबाज अपनी गलती से विकेट गंवा बैठे। रोहित शर्मा एक बार फिर अंदर आती गेंद पर एल्बीडब्ल्यू आउट हुए, जबकि ईशान बाहर जाती गेंद से छेड़खानी करने के चक्कर में कैच थमा बैठे। सबसे खराब तो श्रेयस का विकेट रहा।
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भारतीय स्पिनरों ने शानदार गेंदबाजी की - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय स्पिनर्स की दमदार गेंदबाजी और मध्यक्रम में शानदार बल्लेबाजी की बदौलत टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में छह विकेट से हरा दिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में भारतीय शीर्षक्रम की एक बार फिर पोल खुल गई थी। टीम इंडिया ने दो रन पर ही तीन विकेट गंवा दिए थे। ईशान किशन, कप्तान रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर खाता खोले बिना आउट हुए।
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हालांकि, इसके बाद चेज मास्टर विराट कोहली और टीम में चयन होने पर आलोचना झेलने वाले केएल राहुल ने शानदार बल्लेबाजी कर भारत के लिए जीत सुनिश्चित की। दोनों शतक तो नहीं बना सके, लेकिन विपक्षी टीमों को यह जरूर बता दिया कि पहले की तरह भारतीय टीम सिर्फ अपने शीर्षक्रम पर निर्भर नहीं है। इस बार विश्व कप जीतने के लिए टीम इंडिया तैयार है। मैच रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

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स्पिनरों के शानदार प्रदर्शन ने जिताया
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच जीत का सबसे बड़ा अंतर दोनों टीमों के स्पिनर्स रहे। जहां एक तरफ भारतीय स्पिनर्स ने घातक गेंदबाजी करते हुए 30 ओवर में 104 रन देकर छह विकेट लिए, वहीं ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स ने 16 ओवर गेंदबाजी की और 86 रन लुटाए। उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। भारतीय स्पिनर्स का इकोनॉमी रेट 3.46 का रहा, तो वहीं ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स का इकोनॉमी रेट 5.37 का रहा।

टीम इंडिया तीन स्पिनर्स के साथ मैदान में उतरी थी। इनमें रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और रविचंद्रन अश्विन शामिल थे। जडेजा ने तीन और कुलदीप ने दो विकेट लिए। वहीं, अश्विन को एक विकेट मिला। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने एडम जम्पा के रूप में सिर्फ एक स्पेशलिस्ट स्पिनर खिलाया था। ग्लेन मैक्सवेल उनका साथ निभा रहे थे।





ऑस्ट्रेलियाई टीम का एनालिसिस
ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत ही खराब रही थी। पहले ही ओवर में जसप्रीत बुमराह ने मिचेल मार्श को परेशान किया और आखिरी गेंद पर विकेट भी हासिल किया। इसके बाद फिरकी का जादू चला और ऑस्ट्रेलियाई मध्यक्रम तहस नहस हो गया। एक बार मध्यक्रम में मुख्य बल्लेबाजों के पवेलियन लौट जाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम संभल नहीं सकी। हालांकि, मिचेल स्टार्क ने जरूर अंत में 28 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया को 200 के करीब ले गए।



ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी में खास बात बस यही रही कि वॉर्नर और स्मिथ अच्छे टच में दिखे, लेकिन इन दोनों की स्पिन के खिलाफ कमजोरी एक बार फिर उजागर हुई। आगे के मैचों में इन दोनों को बड़ा पारियां खेलनी होंगी। वहीं, गेंदबाजी में मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड ने शुरुआती ओवरों में कहर बरपाया।

विराट कोहली को जीवनदान देना पड़ा महंगा
स्विंग न मिलने पर दोनों ने सीम का बखूबी इस्तेमाल किया और भारतीय शीर्ष क्रम को तहस नहस कर दिया। हालांकि, बीच के ओवरों में स्पिनरों के विकेट न निकाल पाने की क्षमता पर जरूर सवालिया निशान है। ऑस्ट्रेलिया को एक अतिरिक्त स्पिनर की कमी इस विश्व कप में जरूर खलेगी। एश्टन एगर को ऑस्ट्रेलिया ने स्क्वॉड में शामिल कर निकाल दिया था। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग में एक गलती उन्हें काफी भारी पड़ी। दरअसल, मिचेल मार्श ने कोहली का कैच छोड़ दिया था। तब वह मामूली स्कोर पर थे। इसके बाद कोहली ने 85 रन की मैच जिताऊ पारी खेल डाली।





भारतीय टीम का एनालिसिस
बल्लेबाजी में शीर्षक्रम की पोल खुल गई। ईशान किशन को मिचेल स्टार्क ने भारतीय पारी के पहले ही ओवर में स्लिप में कैमरन ग्रीन के हाथों कैच कराया। इसके बाद जोश हेजलवुड ने दूसरे ओवर की तीसरी गेंद पर रोहित शर्मा को शानदार सीम बॉलिंग पर एल्बीडब्ल्यू आउट किया। इसी ओवर की आखिरी गेंद पर हेजलवुड ने श्रेयस अय्यर वॉर्नर के हाथों कैच कराया। रोहित ने छह गेंदें खेलीं, ईशान पहली गेंद पर और श्रेयस अय्यर तीन गेंद खेलकर आउट हुए। उस पिच पर जहां भारतीय स्पिनर्स ने छह विकेट निकाले, वहां पर भारत के इन तीन बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों के सामने घुटने टेक दिए थे।

वनडे विश्व कप में दोनों भारतीय ओपनर शून्य पर आउट हुए
खिलाफ जगह,साल
जिम्बाब्वे ट्यूनब्रिज, 1983
ऑस्ट्रेलिया चेन्नई, 2023
नोट: यह वनडे में पहली बार है जब भारत के शुरुआती तीन आउट होने वाले बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए हों।

खराब गेंद पर विकेट गंवा बैठे रोहित-ईशान और श्रेयस

रोहित को आउट करने के बाद हेजलवुड; ईशान को आउट करने के बाद स्टार्क - फोटो : सोशल मीडिया
तीनों ही खिलाड़ियों की गेंद साधारण थी और भारतीय बल्लेबाज अपनी गलती से विकेट गंवा बैठे। रोहित शर्मा एक बार फिर अंदर आती गेंद पर एल्बीडब्ल्यू आउट हुए, जबकि ईशान बाहर जाती गेंद से छेड़खानी करने के चक्कर में कैच थमा बैठे। सबसे खराब तो श्रेयस का विकेट रहा। जब भारत ने दो रन पर दोनों ओपनर के विकेट गंवा दिए थे, तो श्रेयस ने लापरवाही दिखाते हुए आसान गेंद पर बड़े शॉट लगाने के चक्कर में अपना विकेट दे दिया। भारतीय शीर्षक्रम ने एकबार फिर मध्यक्रम पर दबाव डाल दिया है। कुछ समय पहले तक शीर्षक्रम इसी तरह फेल होता था। अब विश्व कप के अपने पहले मैच ही भारतीय शीर्षक्रम की पोल खुल गई।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरा विकेट गिरने पर किसी भी टीम का सबसे कम स्कोर
स्कोर (रन/विकेट) टीम जगह, साल
2/3 आयरलैंड ब्रिजटाउन, 2007
2/3 भारत चेन्नई, 2023*
3/3 केन्या डरबन, 2003

2004 में पिछली बार हुई थी यह घटना

यह भारत के वनडे इतिहास में पहली बार है जब टीम के शुरुआती तीन आउट होने वाले बल्लेबाज खाता खोले बिना पवेलियन लौटे हों। पिछली बार वनडे में भारत के दोनों ओपनर शून्य पर 19 साल पहले आउट हुए थे। 2004 में जिम्बाब्वे के खिलाफ एडिलेड में संजय बांगर और पार्थिव पटेल खाता खोले बिना पवेलियन लौटे थे। वहीं, वनडे विश्व कप में भारत के दोनों ओपनर्स के खाता खोले बिना पवेलियन लौटने की घटना 40 साल पहले घटी थी। पिछली बार 1983 विश्व कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ ट्यूनब्रिज में भारत के दोनों ओपनर्स खाता खोले बिना आउट हुए थे। 

तीसरा विकेट गिरने पर भारत का सबसे कम स्कोर
स्कोर (रन/विकेट) खिलाफ जगह, साल
2/3 ऑस्ट्रेलिया चेन्नई, 2023*
4/3 जिम्बाब्वे एडिलेड, 2004
4/3 ऑस्ट्रेलिया सिडनी, 2019
 
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भारतीय शीर्षक्रम की खामियों को मध्यक्रम ने संभाला

दो रन का कुल स्कोर तीन विकेट गिरने के समय भारत का न्यूनतम स्कोर भी है। इससे पहले 2004 में भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ एडिलेड में चार रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके अलावा 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में भारत ने चार रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। ईशान, रोहित और श्रेयस की खराब बल्लेबाजी ने भारत को परेशानी में डाल दिया था और ओपनिंग मैच में ही टीम इंडिया पर संकट के बादल मंडराने लगे थे। इसके बाद भारत को लीग राउंड में सात और मैच खेलने हैं और इस प्रदर्शन पर बाकी टीमों की भी नजरें होंगी। ऐसे में आगे के मैचों टीम इंडिया को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही 10 साल के आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म करने का टीम इंडिया का अभियान भी प्रभावित हो सकता है। 



आलोचना झेलने वाले राहुल ने दिलाई जीत
हालांकि, भारतीय शीर्षक्रम की गलतियों को मध्यक्रम ने संभाल लिया। विराट और राहुल ने शानदार बल्लेबाजी की और बाकी टीमों को संकेत दे दिए हैं। अगर आगे के मैचों में भारतीय शीर्षक्रम रन बनाने में कामयाब रहता है तो इस टीम को हराना मुश्किल होगा। भारतीय गेंदबाजी में भी दम दिखा। हालांकि, सिराज ने जरूर कुछ रन लुटाए। आगे के मैचों में टीम इंडिया इसी गेंदबाजी लाइन अप के साथ मैदान पर उतरती दिख सकती है। खास बात तो यह है कि राहुल को जब विश्व कप टीम में शामिल किया गया था, तो लोगों ने उनकी खूब आलोचना की थी।

दरअसल, राहुल को इस साल अप्रैल में आईपीएल मुकाबले के दौरान चोट लगी थी। इसकी वजह से वह कई महीनों तक क्रिकेट से दूर रहे थे। एशिया कप की टीम में राहुल को शामिल किए जाने पर कई क्रिकेट पंडितों ने भारतीय चयनकर्ता, टीम मैनेजमेंट और कप्तान रोहित शर्मा पर सवालिया निशान खड़े किए थे। हालांकि, राहुल ने पहले खुद को एशिया कप में साबित किया और फिर अब विश्व कप में मुश्किल परिस्थिति से टीम इंडिया को निकालकर कमाल कर दिया है। उन्होंने विराट कोहली के साथ 165 रन की साझेदारी निभाई। विराट 85 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, राहुल ने नाबाद 97 रन की पारी खेली।



विश्व कप में भारत के लिए चौथे या उससे नीचे विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारियां
  • 196* रन - एमएस धोनी और सुरेश रैना बनाम जिम्बाब्वे, ऑकलैंड, 2015
  • 165 रन - विराट कोहली और केएल राहुल बनाम ऑस्ट्रेलिया, चेन्नई, 2023*
  • 142 रन - विनोद कांबली और नवजोत सिद्धू बनाम जिम्बाब्वे, कानपुर, 1996
  • 141 रन - अजय जडेजा और रॉबिन सिंह बनाम ऑस्ट्रेलिया, द ओवल, 1999
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