भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने गुरुवार को नए कोचिंग स्टाफ के नामों की घोषणा की। पारस म्हामब्रे नए गेंदबाजी कोच बनाए गए हैं, जबकि, टी दिलीप को फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी दी गई है। बोर्ड ने विक्रम राठौड़ पर एक बार फिर से भरोसा जताया है और वे बैटिंग कोच बने रहेंगे। यह सभी हेड कोच राहुल द्रविड़ के अंदर काम करेंगे।
इन सभी का गुरुवार को इंटरव्यू लिया गया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाए गए नियम के मुताबिक, चयनकर्ता स्टाफ कोच का सिलेक्शन करते हैं। वहीं, क्रिकेट प्रशासकों की समिति हेड कोच नियुक्त करती है। हालांकि, इन कोच की नियुक्ति किस प्रकार हुई इसके बारे में अभी जानकारी नहीं मिली है।
दिलीप हैदराबाद के रहने वाले फील्डिंग कोच हैं। इससे पहले वह भारतीय टीम के साथ जुलाई में श्रीलंका दौरे पर भी गए थे। पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर भी हैदराबाद के ही थे। वहीं, म्हामब्रे का बॉलिंग कोच नियुक्त किया जाना तय माना जा रहा था, क्योंकि उन्होंने पहले भी द्रविड़ के साथ नेशनल क्रिकेट अकेडमी (एनसीए) में काम किया है। म्हामब्रे मुंबई से हैं।
द्रविड़ ने खुद यह बयान दिया था कि वह 49 साल के मुंबई के पूर्व गेंदबाज के साथ काम कर खुश हैं। म्हामब्रे ने भारत के लिए 90 के दशक में दो टेस्ट और तीन वनडे भी खेले हैं। 52 साल के विक्रम राठौड़ ऑटोमेक च्वाइस थे, क्योंकि उन्हें टीम इंडिया से अच्छी रिव्यू मिले थे। विक्रम ने हाल ही में बैटिंग कोच की पोजिशन के लिए अप्लाई किया था।
ये तीनों जल्द ही जयपुर के लिए रवाना होंगे, जहां टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला खेलना है। पहला मैच जयपुर में 17 नवंबर को खेला जाएगा। इसके बाद 25 नवंबर से दो टेस्ट की सीरीज खेली जाएगी।