पांच साल की ट्रेनिंग का मिल रहा फल
कहते हैं पूत के पांव पालने में नजर आते हैं। पहले ही आईपीएल मैच में 20 गेंदों में 34 रन की पारी वैभव की प्रतिभा की बानगी पेश की। इसके बाद छोटी-छोटी लेकिन बहादुर पारियां खेल वैभव ने अपनी प्रतिभा दिखाई। अब उन्होंने शतक जड़कर दुनिया के सामने दम दिखाया है। शार्दुल ठाकुर, आवेश खान, सिराज, ईशांत शर्मा, प्रसिद्ध कृष्णा, वॉशिंगटन सुंदर, राशिद खान और करीम जनत जैसे गेंदबाजों पर प्रहार कर उन्होंने संकेत दे दिया है उन्हें छोटा बच्चा समझने की गलती नहीं करें। नाविक के तीर की तरह उनके शॉट ताकतवर और सटीक हैं। हालांकि, सवाल यह उठता है कि 14 वर्षीय खिलाड़ी अपने स्ट्रोक्स में इतनी ताकत कैसे पैदा कर सकता है कि उसने शीर्ष स्तर के आक्रमण का सामना करते हुए एक बार नहीं कई बार गेंद को स्टैंड में भेजा? सोमवार को गुजरात के खिलाफ अपनी पारी में वैभव ने सात चौके और 11 छक्के लगा दिए थे।
पटना के उनके कोच मनीष ओझा कहते हैं, 'आप लोगों ने उसके शॉट में ताकत देखी होगी। बल्ले की स्विंग और सही टाइमिंग देखी होगी। अगर छक्का मारने के लिए ताकत ही एकमात्र मानदंड होता तो पहलवान क्रिकेट खेलते। यह पांच साल की ट्रेनिंग है जिसमें वैभव हर दिन 600 सौ गेंदें खेलते थे।' जब आम 14 वर्षीय बच्चे प्लेस्टेशन खेलने और होमवर्क करने में व्यस्त होते हैं, तब बिहार के समस्तीपुर के इस किशोर ने कई अनुभवी गेंदबाज की गेंदों पर छक्के लगाए। उन्होंने गेंद को सवाई मानसिंह स्टेडियम की दर्शक दीर्घा में पहुंचा दिया। कोच ओझा ने इस विशेष प्रतिभा को पहचाना और सुनिश्चित किया कि 10 साल की उम्र से वैभव को इस तरह तैयार किया जाए कि जब भी मौका मिले, वह बड़ी चुनौती के लिए तैयार रहे।
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बल्ले का स्विंग युवराज जैसा
वैभव के कोच ओझा बताते हैं, 'जब वह आठ साल का था तब उसके पिता संजीव उसे मेरे पास लाए थे। हर बच्चा अलग होता है, लेकिन अगर मैं उस उम्र के दूसरे लड़कों को देखता हूं तो उसे जो भी सिखाया जाता तो उसमें कार्यान्वित करने की समझ थी। उसका तरीका, बैक-लिफ्ट, कार्यान्वयन, इरादा, सभी हमेशा तालमेल में रहते थे। अकादमियों में अन्य लड़के शायद एक दिन में 50 गेंदें खेलते हैं। मैंने वैभव के ट्रेनिंग सत्रों के लगभग 40 वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किए हैं। आप देखेंगे कि उसका बल्ले का स्विंग युवराज सिंह जैसा है।' वैभव ने अब तक आईपीएल में तीन मैचों में 75.50 की औसत और 222.05 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से 151 रन बना लिए हैं।
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घरेलू क्रिकेट में धमाल मचा चुके वैभव
वैभव ने जनवरी 2024 में बिहार के लिए अपना प्रथम श्रेणी डेब्यू किया, तब उनकी उम्र सिर्फ 12 साल और 284 दिन थी। पिछले साल वह चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत अंडर-19 के मैच का हिस्सा थे, जहां उन्होंने 58 गेंदों में शतक जड़ा था। इसी के साथ वैभव ने अंडर-19 टेस्ट में किसी भारतीय द्वारा सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बना लिया था। युवा खिलाड़ी ने अपनी दमदार पारी के दौरान 14 चौके और चार छक्के लगाए। वह मात्र 62 गेंदों पर 104 रन बनाकर रन आउट हो गए थे। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी टी20 टूर्नामेंट 2024 के दौरान बिहार के लिए अपना टी20 डेब्यू भी किया। हालांकि वे अपने एकमात्र मैच में ज्यादा रन नहीं बना पाए। वे ACC अंडर 19 एशिया कप 2024-25 में सातवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी थे। उन्होंने टूर्नामेंट में पांच मैचों में 176 रन बनाए, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 76* रहा।