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AUS vs PAK: आईसीसी ने उस्मान ख्वाजा के खिलाफ उठाया यह कदम, पर्थ टेस्ट में बांधी थी काली पट्टी

Thu, 21 Dec 2023 11:24 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ख्वाजा इजराइल-हमास संघर्ष के कारण पीड़ित लोगों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए ऐसे जूते पहनना चाहते थे जिन पर "सभी का जीवन समान है" और "स्वतंत्रता एक मानव अधिकार है" लिखा हो। आईसीसी ने ऐसा करने की स्वीकृति नहीं दी थी।
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उस्मान ख्वाजा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के दौरान काली पट्टी पहनकर मैदान पर उतरे थे। इस कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने उनके ऊपर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। ख्वाजा इजराइल-हमास संघर्ष के कारण पीड़ित लोगों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए ऐसे जूते पहनना चाहते थे जिन पर "सभी का जीवन समान है" और "स्वतंत्रता एक मानव अधिकार है" लिखा हो। आईसीसी ने ऐसा करने की स्वीकृति नहीं दी थी।
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ख्वाजा ने पर्थ में टेस्ट मैच के दौरान हाथ पर काली पट्टी बांधकर उतरे थे।किसी विशेष अवसर को चिह्नित करने के लिए खिलाड़ियों द्वारा काली पट्टी पहनी जाती है। इसके लिए आईसीसी से अनुमति की आवश्यकता होती है। आईसीसी के एक प्रवक्ता ने ईएसपीएनक्रिकइंफो को बताया, "उस्मान ख्वाजा पर कपड़े और उपकरण नियमों के क्लॉज एफ का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।"

क्या है आईसीसी का नियम?
उन्होंने कहा, "उस्मान ने पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के दौरान एक व्यक्तिगत संदेश (आर्म बैंड) प्रदर्शित किया, जिसे प्रदर्शित करने के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और आईसीसी की पूर्व अनुमति नहीं ली गई, जैसा कि व्यक्तिगत संदेशों के लिए नियमों में आवश्यक है। यह एक श्रेणी के तहत उल्लंघन है। अन्य उल्लंघन और पहले अपराध के लिए सजा के रूप में फटकार लगाई जाती है।"
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ख्वाजा ने लोगों को कहा शुक्रिया
इससे पहले ख्वाजा ने इंस्टाग्राम पर अपने समर्थन में आने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाना जारी रखेंगे। ख्वाजा ने लिखा, ''उन सभी को धन्यवाद जिन्होंने इस सप्ताह मेरा समर्थन किया और मुझे प्यार दिया। इस पर किसी का ध्यान नहीं गया। वहां बहुत सारे दयालु लोग हैं। कुछ भी सार्थक आसान नहीं है। इतिहास गवाह है कि हम अपने अतीत की गलतियों को दोहराने के लिए अभिशप्त हैं, लेकिन साथ मिलकर हम बेहतर भविष्य के लिए लड़ सकते हैं।''
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