फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

16 साल पहले का वो दिन, जब केन्या को हराकर भारत ने किया था विश्व कप 2003 में फाइनल प्रवेश

Wed, 20 Mar 2019 02:00 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
सौरव गांगुली
आज भले ही केन्या अपना वन-डे दर्जा खो हो चुकी हो, लेकिन 2003 विश्व कप में इस टीम ने अपने खेल से हर किसी का दिल जीत लिया था। किसी ने अंदाजा भी नहीं लगाया था कि केन्या विश्व कप में सेमीफाइनल तक का सफर तय कर पाएगी। मगर इस 'अंडरडॉग' टीम ने दक्षिण अफ्रीकी जमीन पर खेले गए उस टूर्नामेंट में कई बड़े उलटफेर किए।
विज्ञापन

2 of 5
सौरव गांगुली
20 मार्च 2003 यानी आज से ठीक 16 साल पहले केन्या ने टीम इंडिया से अपना सेमीफाइनल मुकाबला खेला, हालांकि इस मैच में भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने शानदार शतकीय पारी खेलकर केन्या की उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। 
विज्ञापन

3 of 5
सौरव गांगुली
सेमीफाइनल में टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी की और 4 विकेट पर 270 रन बनाए। इस मैच में कप्तान सौरव गांगुली ने 111 रन और सचिन तेंदुलकर ने 83 रन की पारी खेली थी। जवाब में उतरी केन्या की टीम 179 पर सिमट गई थी। हालांकि केन्याई कप्तान स्टीव टिकोलो ने जरूर 56 रन की पारी खेली, लेकिन वह काफी नहीं रही। 

4 of 5
केन्या टीम
2003 विश्व कप में केन्या की किस्मत बुलंदियों पर थी। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बॉब्वे और केन्या इस टूर्नामेंट के संयुक्त मेजबान थे। केन्या को अपनी जमीन पर न्यूजीलैंड से मैच खेलना था, लेकिन उसे वॉकओवर मिल गया। कीवी टीम ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही घोषणा की दी थी कि सुरक्षा कारणों के चलते वह केन्या में मैच नहीं खेलेंगे। जिसका फायदा केन्या को हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सौरव गांगुली
केन्या को इस मैच में हराते ही भारतीय टीम 1983 के बाद पहली बार विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी। जहां उसका सामना विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से था। कंगारू टीम ने खिताबी मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 359/2 का विशाल स्कोर खड़ा किया। पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल दिखाने वाले 'मैन इन ब्लूज' फाइनल का प्रेशर झेल नहीं पाए और 234 रन पर ही सिमट कर अपना दूसरा विश्व कप खिताब पाने से रह गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें