यह घटना आयरलैंड की पारी के दौरान तीसरे ओवर की है। तब शाहीन गेंदबाजी कर रहे थे। ओवर की तीसरी गेंद पर शाहीन की गेंद कर्टिस कैंफर के पैर पर लगकर फाइन लेग बाउंड्री के पार चली गई। इस पर शाहीन ने जबरदस्त अपील की, लेकिन अंपायर ने आउट नहीं दिया। फिर शाहीन ने बाबर पर दबाव बनाया कि वह रिव्यू ले लें। बाबर ने मजबूरी में रिव्यू लिया। डीआरएस में दिखा कि गेंद पिच ही लेग के बाहर हुई थी। ऐसे में पाकिस्तान ने रिव्यू गंवा दिया। कैंफर बच गए। इसके बाद इसी ओवर की चौथी गेंद पर हैरी टेक्टर स्ट्राइक पर थे। गेंद बल्लेबाज को मिस करते हुए विकेटकीपर रिजवान के पास गई।
इस पर भी शाहीन ने अपील की, लेकिन रिजवान ने साथ नहीं दिया। शाहीन हताश होकर बॉलिंग क्रीज पर लौटे। इसके बाद बड़ी स्क्रीन पर रिव्यू में दिखा कि गेंद ने टेक्टर के बल्ले का किनारा छुआ था। हालांकि, रिव्यू नहीं लेने के कारण टेक्टर बच गए। इसी ओवर की आखिरी गेंद पर गेंद टेक्टर के पैर पर जाकर लगी। शाहीन की अपील पर अंपायर ने एल्बीडब्ल्यू आउट करार दिया। हालांकि, टेक्टर ने रिव्यू नहीं लिया और बाद में रीप्ले में दिखा कि गेंद पिच आउटसाइड लेग हुई थी। अगर टेक्टर रिव्यू लेते तो वह बच जाते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद दिखा कि बाबर ने दौड़ते हुए आकर शाहीन को गले लगाया। हालांकि, शुरुआती दोनों घटनाओं पर बाबर, रिजवान और शाहीन के बीच अनबन साफ पता चली।
इससे पहले एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान के टी20 विश्व कप 2024 से बाहर होने की वजह गुटबाजी रही थी। सूत्रों के मुताबिक, कप्तान के रूप में वापसी पर बाबर आजम के सामने सबसे बड़ी चुनौती टीम को एकजुट करने की थी, लेकिन गुटबाजी के कारण वह ऐसा नहीं कर सके। शाहीन शाह अफरीदी कप्तानी गंवाने और बाबर द्वारा जरूरत पड़ने पर उनका समर्थन नहीं करने से नाराज हैं, जबकि मोहम्मद रिजवान कप्तानी के लिए विचार नहीं किए जाने से नाखुश हैं। टीम के सूत्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, 'टीम में तीन गुट हैं। एक का नेतृत्व बाबर आजम कर रहे है तो वहीं दूसरे खेमे की अगुआई अफरीदी और तीसरे की रिजवान कर रहे हैं।
इस सब के बीच मोहम्मद आमिर और इमाद वसीम जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों की वापसी से टीम की स्थिति और खराब हो गई है। पीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अध्यक्ष मोहसिन नकवी को विश्व कप से पहले ही टीम की समस्याओं के बारे में अच्छी तरह से पता था। उनके करीबी और राष्ट्रीय चयनकर्ता वहाब रियाज ने उन्हें इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने कहा, 'नकवी ने सभी खिलाड़ियों के साथ अकेले में दो बैठकें की और निजी हितों की जगह विश्व कप जीतने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा था। उन्होंने उन्हें विश्व कप के बाद टीम में सभी गलतफहमियों को दूर करने का वादा भी किया था, लेकिन बात नहीं बनी।'