किरण मोरे और दूसरी ओर प्रमोशन के दौरान धोनी के साथ सुशांत
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राष्ट्रीय चयन समिति के पूर्व चेयरमैन ने कहा, 'विकेटकीपिंग बहुत अलग होती है। मैंने उन्हें कई बार डांट लगाई, लेकिन वह कभी बुरा नहीं मानते। कई बार हाथों, बाजुओं और जांघ में गेंद लगी, लेकिन हमेशा खेलने के लिए तैयार रहते। एक शानदार सफर अधूरा रह गया।'