आंकड़ों ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग के उस दावे को गलत साबित कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि सचिन तेंदुलकर की तुलना में वेस्ट इंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा ज्यादा बड़े मैच विजेता रहे हैं।
पोंटिंग ने दो दिन पहले कहा था, ‘तेंदुलकर और लारा मेरी नजरों में महान बल्लेबाज हैं। लेकिन लारा ने देश के लिए तेंदुलकर की तुलना में अधिक मैच जीते। कप्तान के रूप में मेरे लिए तेंदुलकर से ज्यादा लारा बड़ी चिंता रहे।’
हालांकि आंकड़े पोंटिंग के दावे को गलत साबित करते हैं। आंकड़ों पर नजर डालें, तो मैच जिताने के मामले में अब तक 198 टेस्ट खेल चुके तेंदुलकर 131 टेस्ट खेलने वाले लारा से बहुत आगे हैं।
लारा की उपस्थिति में विंडीज को जहां मात्र 24.42 प्रतिशत मैचों में जीत मिली, वहीं तेंदुलकर की मौजूदगी में टीम इंडिया की जीत का औसत 35.35 फीसदी रहा।
औसत में काफी आगे हैं तेंदुलकर
अब अगर इन मैचों में दोनों दिग्गज बल्लेबाजों के योगदान की बात करें, तो यहां भी तेंदुलकर (37.01) लारा के 24.50 की औसत की तुलना में कहीं आगे हैं।
लारा ने टेस्ट मैचों में कुल 34 शतक लगाए जिसमें टीम को मात्र आठ में ही जीत मिली। यहां भी उनका औसत मात्र 23.52 है। इतना ही नहीं, लारा जो 131 टेस्ट खेले उसमें विंडीज को 63 में हार का सामना करना पड़ा और यहां पर उनका औसत 44.47 रहा।
इससे भी बुरा तो तब हुआ जब लारा के 14 शतक वाले टेस्ट मैच में विंडीज की टीम को हार का सामना करना पड़ा। लारा के रहते विंडीज टीम के 36 मैच ड्रॉ पर खत्म हुए।
अब अगर सचिन की बात करें तो उनकी मौजूदगी में टीम को 56 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है, जिसका औसत मात्र 28.28 है। इन हारे हुए मैचों में सचिन ने 11 शतकों के साथ 4088 रन बनाए हैं।
सचिन की उपस्थिति में भारत के 72 मैच ड्रॉ पर समाप्त हुए जिसमें मास्टर बल्लेबाज ने 20 शतकों के साथ 5887 रन बनाए।