श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के सचिव मोहन डे सिल्वा ने कहा है कि देश में राजनीतिक अस्थिरता के चलते एशिया कप का आयोजन यूएई में हो सकता है। एशियन क्रिकेट काउंसिल ने श्रीलंका को इस टूर्नामेंट की मेजबानी दी थी, लेकिन यहां की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। ईंधन सहित मूलभूत चीजों की कमी होने की वजह से लोगों में आक्रोश है और लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। हाल ही में प्रदर्शनकारियों ने श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच के दौरान पूरा गॉल स्टेडियम घेर लिया था। इसके बाद यहां एशिया कप के आयोजन की संभावना बेहद कम दिख रही है।
प्रदर्शनकारियों ने श्रीलंका के राष्ट्रपति आवास पर भी कब्जा कर लिया है और राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे सेना के विमान के जरिए देश छोड़ चुके हैं। इसके बाद यहां के हालात सामान्य होने की संभावना बेहद कम है और 26 अगस्त से 11 सितंबर के बीच होने वाला एशिया कप अब यूएई में हो सकता है। हालांकि, इस टूर्नामेंट की तारीखों में बदलाव होने की संभावना कम है।
मुख्य दौर के मैच शुरू होने से पहले एक क्वालीफायर राउंड में हांगकांग, सिंगापुर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात की टीमें आपस में खेलेंगी। यहां जीतने वाली टीम मुख्य दौर में जगह बनाएगी। अफगानिस्तान, श्रीलंका, पाकिस्तान, भारत और बांग्लादेश की टीम पहले ही इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं।
ऑस्ट्रेलिया के श्रीलंका दौरे में नहीं हुई परेशानी
श्रीलंका ने इसी महीने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे, टी20 और टेस्ट सीरीज की मेजबानी की थी, लेकिन इन तीनों सीरीज के आयोजन में कोई परेशानी नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों ने मैदान जरूर घेरा, लेकिन मैच चलता रहा और प्रदर्शन के दौरान हिंसा नहीं हुई। अब पाकिस्तान की टीम यहां टेस्ट मैच खेल रही है और अब तक मैच के आयोजन में कोई परेशानी नहीं हुई है।
एशिया कप के जरिए सभी टीमें एशियाई टीमें अक्तूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप की तैयारी करेंगी। एसीसी के अध्यक्ष और बीसीसीआई सचिव जय शाह जल्द ही एशिया कप के नए मेजबान के नाम का आधिकारिक एलान कर सकते हैं।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शनिवार को कहा कि वह चाहता है कि एशिया कप श्रीलंका में खेला जाए। पीसीबी के मुख्य कार्यकारी फैसल हसनैन ने कहा "हमारी पहली प्राथमिकता श्रीलंका का समर्थन करना और वहां एशिया कप खेलना है। अगर यह टूर्नामेंट श्रीलंका में नहीं होता है, तो यह उनके लिए एक बहुत बड़ा क्रिकेट और वित्तीय नुकसान होगा। ऑस्ट्रेलिया का हालिया श्रीलंका दौरा बिना किसी समस्या के हुआ। पाकिस्तान के मौजूदा श्रीलंका दौरे में कोई समस्या नहीं आई है, क्योंकि हम लगातार श्रीलंका क्रिकेट और देश में हमारे दूतावास के संपर्क में हैं।
यूएई में हुआ एशिया कप तो पाकिस्तान को फायदा
अगर श्रीलंका में एशिया कप नहीं होता है तो यूएई को इस टूर्नामेंट की मेजबानी मिलना लगभग तय है। भारत और पाकिस्तान की टीमें एक दूसरे के देश में नहीं खेलती हैं। ऐसे में ये दोनों देश मेजबानी की रेस से हट जाते हैं। ऐसे में एसीसी बांग्लादेश या यूएई में यह टूर्नामेंट करा सकता है। यूएई में सुविधाएं बांग्लादेश से बेहतर हैं। ऐसे में यूएई को एशिया कप की मेजबानी मिलने की संभावना ज्यादा है। ऐसा होने पर पाकिस्तान की टीम को फायदा मिलेगा। पाकिस्तान की टीम अक्सर यूएई में मैच खेलती है और यह जगह उनके लिए दूसरे होम ग्राउंड की तरह है। यहां एशिया कप के मैच होने पर पाकिस्तान को होम ग्राउंड का फायदा मिल सकता है। पाकिस्तान की टीम यहां के हालातों से पूरी तरह वाकिफ है और पाकिस्तानी खिलाड़ियों को यहां की धीमी पिचें रास आती हैं।