बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन की कुर्सी स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी के धक्कों से अब गंभीर रूप से डगमगाने लगी है।
अब आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला ने कहा है कि जब तक श्रीनिवासन की आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स और उनके दामाद गुरुनाथ मैयप्पन के खिलाफ बोर्ड के आयोग की जांच नहीं हो जाती, उन्हें खुद को अध्यक्ष पद से ‘अलग’ कर लेना चाहिए।
मैं अध्यक्ष होता तो ये घटनाएं नहीं होतीं। बीसीसीआई की साख को बट्टा लगा है। सारे आईपीएल मैचों की गृह मंत्रालय द्वारा जांच कराई जानी चाहिए।--शरद पवार
मैंने श्रीनिवासन को इस्तीफे की सलाह दी है। मैंने कहा है कि जब तक फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामलों की जांच हो रही है उन्हें हट जाना चाहिए।--राजीव शुक्ला
बीसीसीआई मैच और स्पॉट फिक्सिंग की जांच कर रहा है। जांच निष्पक्ष हो अत: श्रीनिवासन को फैसला आने तक नैतिक आधार पर पद छोड़ना चाहिए।--खेल मंत्रालय का वक्तव्य
श्रीनिवासन तुरंत इस्तीफा दें। बीसीसीआई को भंग कर देना चाहिए।--लालू प्रसाद यादव
बीसीसीआई अलीबाबा की टीम है। इसकी जिम्मेदारी कौन संभालेगा।--कीर्ति आजाद
क्रिकेट के हित में श्रीनिवासन इस्तीफा दें। जांच पूरी होने के बाद वे लौट सकते हैं। इस स्कैंडल से क्रिकेट प्रेमियों को धक्का लगा है। उनका भरोसा लौटाना जरूरी है।--चेतन चौहान
श्रीनिवासन के अध्यक्ष बने रहने से बोर्ड की ‘साख’ पर सवाल उठ रहे हैं। यहां प्रश्न नैतिकता का है और श्रीनिवासन को निजी स्तर पर फैसला करना है।--अजय शिर्के (बीसीसीआई कोषाध्यक्ष)
कान पर जूं तक नहीं रेंग रही
भले ही दिग्गज इस्तीफा मांग रहे हैं लेकिन एन श्रीनिवासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। वे किसी की नहीं सुन रहे। नैतिकता के सवालों को भी अनसुना कर रहे हैं। यही कारण है कि उन्होंने बुधवार को कहा कि राजीव शुक्ला ने कोई नई बात नहीं कही है।
उन्होंने कहा, ‘मैंने उनका इंटरव्यू देखा है। मैंने कोलकाता की प्रेस कांफ्रेंस में ही कहा था कि हमने जांच आयोग बना दिया है। वह स्वतंत्र है। मेरा उससे कोई लेना-देना नहीं होगा। वह सजा भी सुना सकता है। अत: हमें केवल उसके नतीजों का इंतजार करना चाहिए।’
ज्योतिरादित्य सिंधिया और हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन की पद छोड़ने की मांग के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘मैं हर किसी की मांग का जवाब नहीं दे सकता।’
भाजपा की चुप्पी पर उठे सवाल
एक तरफ जहां क्रिकेट से जुड़े दिग्गज कांग्रेसी अब धीरे-धीरे मुंह खोल कर बोर्ड के अध्यक्ष पद से एन श्रीनिवासन का इस्तीफा मांग रहे हैं, वहीं भाजपा नेता अब भी चुप हैं।
अरुण जेटली, नरेंद्र मोदी और अनुराग ठाकुर जैसे राज्यों के क्रिकेट संघों में बैठे भाजपा के ये नेता फिक्सिंग से लेकर श्रीनिवासन के इस्तीफे तक पर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। ऐसे में उनकी क्रिकेट को साफ-सुथरे ढंग से चलाने की मंशा सवालों के घेरे में हैं।
हालांकि बुधवार को भाजपा की नेता स्मृति ईरानी ने पणजी में कहा कि क्रिकेट की साख पर गहरे जख्म लगे हैं और इस खेल में आई गंदगी को साफ करने का समय आ गया है। वैसे स्मृति का क्रिकेट या उसके किसी राज्य बोर्ड से कोई नाता नहीं है।