मैच फिक्सिंग मामले में गिरफ्तार अजीत चंदीला का फिक्सरों और बुकीज से पुराना नाता रहा है। जांच में यह बात सामने आई है कि चंदीला अलग-अलग चार ग्रुप के फिक्सरों के लिए काम करता था।
दिल्ली पुलिस ने रविवार को जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, सभी के संबंध चंदीला से थे और उसी के जरिए सभी बुकी और फिक्सर मैच फिक्स करते थे।
अजीत चंदीला भले ही खुद को बेकसूर मान रहा है, लेकिन जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही उस पर शिकंजा कसने लगा है।
स्पॉट फिक्सिंग मामले में रविवार को गिरफ्तार रणजी खिलाड़ी मनीष गुडेवा के साथ अजीत का काफी पुराना नाता है।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, मनीष ही वह शख्स है, जिसने बुकी और फिक्सर से अजीत की मुलाकात करवाने में बिचौलिए का काम किया।
वह वर्ष 2000 से पहले एनएच-4 कॉलोनी फरीदाबाद में रहता था और अजीत के साथ क्रिकेट की प्रैक्टिस करता था। बाद में विदर्भ के लिए रणजी मैच खेलने लगा। मनीष 2003 से 2005 के बीच में रणजी मैच खेला। पुलिस के मुताबिक ,मनीष ने ही बुकी और फिक्सर किरण और अश्विन के साथ अजीत की जान पहचान करवाई और मैच को फिक्स कराया।
क्रिकेट खिलाड़ी इस ‘खेल’ में शामिल
दिल्ली पुलिस का दावा है कि पहले क्रिकेट मैच खेल चुके खिलाड़ी ही आईपीएल खिलाड़ियों की मदद से मैच फिक्स कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक गिरफ्तार लोगों में जीजू जनार्दन, अमित सिंह और मनीष क्रिकेट खिलाड़ी रह चुके हैं और सभी आईपीएल खेलने वाले खिलाड़ियों के संपर्क में रहे हैं। ये सभी फिक्सर और बुकी हैं या फिर खिलाड़ियों और बुकी के बीच के संबंध की कड़ी हैं।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक ,फिक्सिंग मामले में एक और रणजी खिलाड़ी के शामिल होने की बात सामने आ रही है। उसका नाम बाबू राव यादव है और वह रेलवे के लिए रणजी मैच खेलता है। बाबू राव नागपुर का रहने वाला है और उसकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।