भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज के पहले दिन अफ्रीकी गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। कगिसो रबाडा और नांद्रे बर्गर ने मिलकर 107 रन पर भारत की आधी टीम को पवेलियन भेज दिया। भारत के शीर्ष क्रम में कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक नहीं लगा सका। भारत के शुरुआती पांच बल्लेबाजों में दो खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके। सबसे ज्यादा 38 रन विराट कोहली ने बनाए।
इस मैच में अफ्रीकी गेंदबाजों ने भले ही बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन फील्डिंग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों ने कई गलतियां कीं। दक्षिण अफ्रीका ने श्रेयस अय्यर और विराट कोहली को जीवनदान दिए। अगर इन दोनों खिलाड़ियों के कैच नहीं छूटे होते तो भारतीय टीम की हालत और खराब हो सकती थी।
दक्षिण अफ्रीका के मार्को यानसेन और टोनी डिजॉर्जी ने छह गेंद के अंतराल में दो कैच छोड़े। अगर ये कैच नहीं छूटे होते तो 50 रन के अंदर भारत की आधी टीम पवेलियन लौट जाती। पहला जीवनदान श्रेयस अय्यर को भारत की पहली पारी के 12वें ओवर में मिला। कगिसो रबाडा की गेंद पर मार्को यानसेन ने उनका कैच छोड़ा। रबाडा की गेंद श्रेयस के बल्ले का बाहरी किनारा लेकर स्लिप में गई थी, लेकिन मार्को यानसेन ने दोनों हाथों से गेंद पकड़ने की कोशिश की। वह इसमें सफल नहीं हुए और श्रेयस को चौका मिल गया। इस समय वह चार रन के निजी स्कोर पर खेल रहे थे। इसके बाद वह 31 रन बनाकर आउट हुए।
अगले ही ओवर में नांद्रे बर्गर की गेंद पर विराट कोहली को जीवनदान मिला। कोहली भी इस समय चार रन पर ही खेल रहे थे। उन्होंने बर्गर की गेंद को लेग साइड पर फ्लिक किया और गेंद हवा में चली गई। स्क्वॉयर लेग पर खड़े टोनी डिजॉर्जी ने दोनों हाथों से कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह कैच नहीं पकड़ सके। इसके बाद कोहली 64 गेंद में 38 रन बनाकर आउट हुए।
श्रेयस और विराट ने जीवनदान मिलने के बाद 54 रन की साझेदारी की और भारतीय टीम को शर्मनाक स्कोर पर आउट होने से बचाया। खबर लिखे जाने तक भारत ने 164 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे।