ईरान में खेले जा रहे माकरान मुक्केबाजी कप में बगैर डॉक्टर के टीम भेजने का खामियाजा फाइनल में पहुंचे बॉक्सर सतीश कुमार ने भुगता है। शुरुआती दौर की बाउट में सतीश की आंख के ऊपर बेहद गहरा कट लग गया।
टीम के साथ डॉक्टर नहीं था जिसके चलते सतीश के कट को ग्लू से चिपका दिया गया। सतीश ने खेलना जारी रखा और फाइनल तक पहुंच गए, लेकिन इस दौरान उनका कट और गहरा गया। नतीजन उन्हें आयोजनकर्ताओं की ओर से मुहैया डॉक्टर को दिखाना पड़ा।
सतीश के छह टांके लगे हैं और उनके फाइनल में खेलने की उम्मीदें खत्म हो चुकी हैं। एनआईएस पटियाला में चल रहे राष्ट्रीय कैंप में भी टीम के साथ डॉक्टर नहीं था। बुल्गारिया में खेले गए स्ट्रांजा कप में तो टीम के साथ एनआईएस के डॉक्टर को भेज दिया गया, लेकिन ईरान में टीम गैरमौजूदगी के चलते बिना डॉक्टर के गई।
हालांकि बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया दावा कर रही है कि डॉक्टर की समस्या को सुलझा लिया गया है। जल्द ही कैंप में नए डॉक्टर जुड़ जाएंगे, लेकिन ईरान में डॉक्टर नहीं होने का खामियाजा सतीश को भुगतना पड़ा है।
राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेता सतीश आंख के ऊपर कट लगने के बावजूद लगातार खेलते रहे। उनकी आंख पर ईरानी बॉक्सर का सिर लगा था। अगली बाउट में उनका कट बुरी तरह गहरा गया जिसके चलते उनके टांके लगाने के अलावा कोई चारा नहीं था।