कप्तानी छोड़ने की 'विराट' वजह: सात साल में 205 मैचों में कप्तानी की, सबसे ज्यादा वनडे खेले, फिर भी इस्तीफा टी-20 से दिया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 16 Sep 2021 07:26 PM IST
सार
Why Virat Kohli Stepping Down: विराट कोहली तीनों फॉर्मेट में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले टॉप-10 खिलाड़ियों में शामिल हैं। हालांकि, वे इस मामले में अजहर और महेंद्र सिंह धोनी से पीछे हैं। जानिए, क्या कहते हैं कोहली से जुड़े आंकडे...
विराट कोहली तीनों फॉर्मेट में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले टॉप-10 खिलाड़ियों में शामिल हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
बीसीसीआई तीन दिन पहले जिन अटकलों को नकार चुका था, वो सही साबित हुईं। गुरुवार शाम पांच बजकर 53 मिनट पर उन्होंने अचानक सोशल मीडिया पर एलान कर दिया कि वे अक्टूबर में खेले जाने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के बाद बीस ओवरों के फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ देंगे। यानी वे वनडे और टेस्ट में कप्तान बने रहेंगे। विराट ने यह एलान करते हुए 20 लाइन का एक नोट जारी किया। इसमें उन्होंने बताया कि वे आखिर क्यों कप्तानी छोड़ रहे हैं?
विराट कोहली तीनों फॉर्मेट में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले टॉप-10 खिलाड़ियों में शामिल हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
बीसीसीआई तीन दिन पहले जिन अटकलों को नकार चुका था, वो सही साबित हुईं। गुरुवार शाम पांच बजकर 53 मिनट पर उन्होंने अचानक सोशल मीडिया पर एलान कर दिया कि वे अक्टूबर में खेले जाने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के बाद बीस ओवरों के फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ देंगे। यानी वे वनडे और टेस्ट में कप्तान बने रहेंगे। विराट ने यह एलान करते हुए 20 लाइन का एक नोट जारी किया। इसमें उन्होंने बताया कि वे आखिर क्यों कप्तानी छोड़ रहे हैं?
सबसे पहले जानते हैं कि विराट ने क्या वजह बताई?
विराट ने कप्तानी छोड़ने का एलान करते हुए लिखा, 'वर्कलोड बहुत अहम होता है। पिछले आठ-नौ साल में तीनों फॉर्मेट में मुझ पर काफी वर्कलोड है। पिछले पांच-छह साल से लगातार कप्तानी भी कर रहा हूं। मुझे लगता है कि मुझे खुद को थोड़ा स्पेस देने की जरूरत है ताकि मैं वनडे और टेस्ट में भारतीय टीम का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार रहूं।'
विराट कब से खेल रहे हैं?
विराट ने 18 अगस्त 2008 को श्रीलंका के खिलाफ मैच खेलकर वनडे में डेब्यू किया था। 12 जून 2010 को उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 में डेब्यू किया। पहला टेस्ट खेलने का मौका उन्हें 20 जून 2011 को मिला। इस तरह विराट को वनडे खेलते हुए 13 साल, टी-20 खेलते हुए 11 साल और टेस्ट खेलते हुए 10 साल हो चुके हैं।
विराट कप्तान कब बने?
टीम इंडिया जब दिसंबर 2014 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी, तब धोनी के हटने के बाद उन्हें टेस्ट में कप्तानी सौंपी गई थी। करीब दो साल बाद जनवरी 2017 में जब धोनी ने सीमित ओवरों वाले मैचों की कप्तानी छोड़ दी तो कोहली सभी फॉर्मेट के कप्तान बन गए।
कप्तानी के दौरान कोहली पर कितना वर्कलोड रहा?
सिर्फ कप्तानी वाले मैच ही गिनें तो पिछले छह साल नौ महीने में कोहली तीनों फॉर्मेट में 205 मैचों में कप्तानी कर चुके हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 130 मैच जीते। 57 मैचों में टीम को हार मिली। तीन मैच टाई और 11 मैच ड्रॉ रहे। कोहली का सक्सेस रेट 63.41 फीसदी रहा है। हालांकि, कोहली से ज्यादा मैचों में मोहम्मद अजहरुद्दीन (221 मैच) और महेंद्र सिंह धोनी (332 मैच) कप्तानी कर चुके हैं।
तो कोहली के पास वर्कलोड कहां सबसे ज्यादा है?
विराट ने सबसे ज्यादा 46 फीसदी मैचों की कप्तानी वनडे में की है। वे 95 वनडे में भारत की कप्तानी कर चुके हैं, जबकि टेस्ट में 65 और टी-20 में 45 मैचों में कप्तानी की है। आंकड़ों के हिसाब से विराट का वर्कलोड वनडे में सबसे ज्यादा रहा है। इसके बावजूद उन्होंने टी-20 की कप्तानी से इस्तीफा दिया, जबकि उन्होंने सिर्फ 22 फीसदी टी-20 ही बतौर कप्तान खेले हैं। कोहली की कप्तानी में भारत को 2017 की ICC चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल, 2019 के वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2021 के फाइनल में हार मिली।
बतौर कप्तान कैसा रहा कोहली का प्रदर्शन?
बतौर कप्तान कोहली की बल्लेबाजी का औसत टी-20 में सबसे कम और वनडे में सबसे ज्यादा रहा है।
| फॉर्मेट |
मैच |
रन |
औसत |
50/100 |
| टी-20 |
45 |
1502 |
48.45 |
12/0 |
| वनडे |
95 |
5449 |
72.65 |
27/21 |
| टेस्ट |
65 |
5667 |
56.10 |
17/20 |