भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में टीम इंडिया पिछड़ रही है। दो दिन का खेल होने के बाद दक्षिण अफ्रीका के पास 11 रन की बढ़त है और उसके पांच विकेट बचे हुए हैं। भारतीय पारी 245 रन पर खत्म होने के बाद गेंदबाजों ने आशा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया और अफ्रीकी टीम बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रही है। भारत के खराब प्रदर्शन में कप्तान रोहित का भी योगदान है। इसी वजह से मैच के दूसरे दिन पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री रोहित की कप्तानी से नाराज दिखे।
रोहित शर्मा ने दूसरे दिन लंच के बाद प्रसिद्ध कृष्णा और शार्दुल ठाकुर से गेंदबाजी कराई। उनके इस फैसले से रवि शास्त्री और संजय बांगर नाराज दिखे। दूसरे सत्र के पहले 40 मिनट में डीन एल्गर और टोनी डीजॉर्जी ने बाउंड्री की झड़ी लगा दी। रोहित शर्मा ने शार्दुल और कृष्णा से लंच के बाद गेंदबाजी कराई और इससे भी अफ्रीकी बल्लेबाजों को मदद मिली। शार्दुल ने दक्षिण अफ्रीका के पिछले दौरे में सात विकेट लिए थे। शायद यही वजह थी कि रोहित ने उन्हें गेंद सौंप दी।
लंच के बाद आठ ओवर में 42 रन बने और एल्गर ने भी सिर्फ 79 गेंदों पर अपना 24वां टेस्ट अर्धशतक पूरा किया। इस दौरान शास्त्री ने कमेंट्री में कहा, "किसी भी ऑर्डर पर, ये दोनों (शार्दुल और प्रिसिद्ध) गेंदबाजी (लंच के बाद) शुरू करने वाले आखिरी खिलाड़ी होते। जब मैं कोच था तब हमने कई बार इस पर चर्चा की थी। और अक्सर हमने सत्र की शुरुआत में दो सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के साथ जाने का फैसला किया।"
मांजरेकर, फिलेंडर ने कहा- भारत से चूक हुई
भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने कहा कि भारत चूक गया। उन्होंने कमेंट्री में कहा, "स्पष्ट रूप से भारत चूक गया। यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा ने ब्रेक के दौरान सोचा होगा और फिर प्रिसिद्ध और शार्दुल के साथ जाने का फैसला किया होगा।"
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज वर्नोन फिलेंडर ने कहा कि भारत ने बुमराह को गेंद फेंकने से पहले जो 42 रन लुटाए, उससे दक्षिण अफ्रीका को गति मिली। उन्होंने कहा "शायद वे उसे (बुमराह को) लंच से पहले छह ओवर के स्पैल के बाद बचाकर रखना चाहते थे। मुझे लगता है कि यह एक मौका है जिसे भारत ने गंवा दिया। भारत ने 42 रन दिए और इससे लंच के बाद दक्षिण अफ्रीका को गति मिली। उन्होंने उन्होंने एक अवसर खो दिया।''