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Ranji Trophy: दिल्ली की एक और शर्मनाक हार, सौराष्ट्र और राजस्थान ने सत्र की पहली जीत दर्ज की

Sun, 21 Jan 2024 09:17 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मध्य प्रदेश से पराजय दिल्ली को इसलिए भी ज्यादा आहत करेगी क्योंकि उसने मैच के पहले दिन मेजबान टीम को 171 रन पर आउट करके अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी। इसके जवाब में दिल्ली ने 205 रन बनाकर पहली पारी में 34 रन की बढ़त हासिल की थी।
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रणजी ट्रॉफी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चिराग जानी के पांच विकेट की बदौलत गत चैम्पियन सौराष्ट्र ने रविवार को यहां रणजी ट्राफी एलीट ग्रुप ए मैच के तीसरे दिन विदर्भ को 238 रन से रौंदकर सत्र की पहली जीत दर्ज की। सौराष्ट्र के अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने 66 रन की पारी के दौरान यादगार उपलब्धि हासिल की। वह सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ के बाद 20,000 प्रथम श्रेणी रन जुटाने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बने। सौराष्ट्र के लिए नॉकआउट दौर की उम्मीद बरकरार रखने के लिए यह जीत राहत भरी रही क्योंकि उसे पिछले लीग मैच में हरियाणा से करीबी हार झेलनी पड़ी थी और झारखंड के खिलाफ उसका सत्र का शुरूआती मुकाबला ड्रा पर छूटा था।
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विदर्भ की टीम 373 रन के असंभव लक्ष्य का पीछा करते हुए जरा भी चुनौती पेश नहीं कर सकी और दूसरी पारी में महज 134 रन पर सिमट गयी जिसमें जानी ने 51 रन देकर पांच विकेट झटके। अर्थव तायडे ने विदर्भ के लिए 54 रन बनाये लेकिन मैच में दूसरी बार उनका बल्लेबाजी क्रम चरमरा गया। पहली पारी में टीम 78 रन पर सिमट गयी थी। सौराष्ट्र की टीम का भी बल्लेबाजी क्रम चरमरा गया जो पुजारा के अर्धशतक के बावजूद रात के तीन विकेट पर 205 रन के स्कोर से दूसरी पारी में 244 रन पर सिमट गयी। टीम ने महज 39 रन पर सात विकेट गंवा दिये लेकिन तब तक उसकी कुल बढ़त 372 रन हो गयी थी।

जोधपुर में राजस्थान ने भी महाराष्ट्र को 10 विकेट से हराकर सत्र की पहली जीत दर्ज की। महाराष्ट्र ने एक विकेट पर 66 रन से खेलना शुरू किया लेकिन भारत के बायें हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद (19 रन देकर चार विकेट) के सामने संघर्ष करती दिखी। अहमद को बायें हाथ के तेज गेंदबाज अनिकेत चौधरी (32 रन देकर तीन विकेट) का अच्छा साथ मिला। घरेलू टीम को जीत के लिए 104 रन की जरूरत और उसने बिना विकेट गंवाये यह लक्ष्य पूरा कर लिया। सलामी बल्लेबाज अभिजीत तोमर (नाबाद 53 रन) और यश कोठारी (नाबाद 52 रन) ने 30 ओवर में राजस्थान को जीत तक पहुंचा दिया।
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दिल्ली में एक अन्य मैच में सेना की टीम कप्तान रजत पालीवाल (111 रन) और रवि चौहान (नाबाद 133 रन) के शतकों की बदौलत झारखंड पर पहली पारी की अहम बढ़त बनाने के करीब है। प्रतिद्वंद्वी टीम को 316 रन पर समेटने के बाद सेना ने दो विकेट पर 128 रन से आगे खेलते हुए स्टंप तक तीन विकेट गंवाकर 315 रन बना लिये। चौहान और पालीवाल ने तीसरे विकेट के लिए 201 रन की साझेदारी निभायी।

साई किशोर के गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन से तमिलनाडु की रेलवे पर बड़ी जीत
कप्तान आर साई किशोर ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप सी मैच में सात विकेट लिए जिससे तमिलनाडु ने रविवार को यहां तीसरे दिन ही रेलवे को पारी और 129 रन से करारी शिकस्त दी। तमिलनाडु के पहली पारी के 489 रन के जवाब में रेलवे ने सुबह अपनी पहली पारी दो विकेट पर 126 रन से आगे बढ़ाई लेकिन उसकी पूरी टीम 246 रन पर आउट हो गई। तमिलनाडु की तरफ से संदीप वारियर और बाएं हाथ के स्पिनर साई किशोर ने तीन-तीन विकेट लिए। रेलवे के लिए प्रथम सिंह ने 92 रन बनाए। रेलवे की टीम इसके बाद फॉलोआन करते हुए अपनी दूसरी पारी में केवल 114 रन ही बना पाई। प्रथम ने फिर से उसकी तरफ से सर्वाधिक 29 रन बनाए। तमिलनाडु के लिए साई किशोर और बाएं हाथ के स्पिनर अजीत राम ने चार-चार विकेट लिए।

ग्रुप सी के मैसूर में खेले जा रहे मैच में मयंक अग्रवाल (114), देवदत्त पडिक्कल (103) और निकिन जोस (107) के शतकों की मदद से कर्नाटक ने गोवा के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत कर ली। कर्नाटक ने सुबह अपनी पहली पारी चार विकेट पर 251 रन से आगे बढ़ाई और नौ विकेट पर 498 रन बनाकर 177 रन की बढ़त हासिल की। गोवा की तरफ से दर्शन मिसाल ने 6 विकेट लिए। गोवा ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी दूसरी पारी में एक विकेट पर 93 रन बनाए थे और इस तरह से वह अभी 84 रन पीछे है। कृष्णमूर्ति सिद्धार्थ 57 रन बनाकर खेल रहे हैं।

ग्रुप सी में चंडीगढ़ और गुजरात के बीच चंडीगढ़ में जबकि पंजाब और त्रिपुरा के बीच मोहाली में खेले जा रहे मैचों में खराब रोशनी के कारण तीसरे दिन का खेल नहीं हो पाया।

केरल को जीत के लिए 327 रन का लक्ष्य, मुंबई की निगाहें लगातार तीसरी जीत पर
मुंबई ने सलामी बल्लेबाज जय बिष्टा (73 रन) और भूपेन लालवानी (88 रन) के अर्धशतकों की बदौलत रविवार को यहां ग्रुप बी रणजी ट्राफी मैच के तीसरे दिन केरल पर शिकंजा मजबूत किया। पहली पारी में महज सात रन की बढ़त बनाने वाली मुंबई ने दूसरी पारी में 319 रन का स्कोर बनाकर घरेलू टीम को जीत के लिए 327 रन का बड़ा लक्ष्य दिया। स्टंप तक केरल ने बिना विकेट गंवाये 24 रन बना लिये थे। अब उसे अंतिम दिन मैच बचाने या असंभव जीत के लिए बेहतरीन बल्लेबाजी प्रदर्शन दिखाना होगा। मुंबई इस तरह सत्र की लगातार तीसरी जीत दर्ज करने की उम्मीद लगाये है। उसने बिना विकेट गंवाये 105 रन से खेलना शुरू किया। लालवानी और बिस्टा ने बीती रात की साझेदारी को कायम रखते हुए अपने अर्धशतक पूरे किये। एमडी निधीश (59 रन देकर दो विकेट) ने पहले विकेट की इस 148 रन की भागीदारी को तोड़ा। इससे लालवानी ने भारत के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे के साथ छोटी सी भागीदारी बनायी। मुंबई के कप्तान ने सतर्क और संयमित बल्लेबाजी की लेकिन वह शुरूआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल सके और 65 गेंद में केवल 16 रन बनाकर जलज सक्सेना (80 रन देकर चार विकेट) का शिकार हुए। केरल के गेंदबाजों में से श्रेयस गोपाल ने चार विकेट झटके। प्रसाद पवार (35), शम्स मुलानी (30) और नौवें नंबर के बल्लेबाज मोहित अवस्थी (32) ने भी उपयोगी योगदान दिये जिससे मुंबई ने दूसरी पारी में 319 रन बनाये।

वहीं डिब्रूगढ़ में आंध्र ने रिकी भुई की 125 रन की कप्तानी पारी की बदौलत मेजबान असम पर शिकंजा कसा और सत्र की पहली जीत के करीब पहुंच गया। कप्तान रियान पराग की नाबाद 46 रन की जुझारू पारी के बावजूद असम ने 363 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए स्टंप तक पांच विकेट पर 81 रन बनाये। गिरिनाथ रेड्डी (35 रन देकर तीन विकेट) और ललित मोहन (33 रन देकर दो विकेट) ने आंध्र के लिए विकेट झटके। दूसरी पारी में आंध्र के लिए भुई ने 16वां प्रथम श्रेणी शतक जड़कर टीम को 334 रन के स्कोर तक पहुंचाया। सिद्धार्थ समर्थ के पांच विकेट के बावजूद आंध्र ने हनुमा विहारी (63 रन) और शाइक रशीद (नाबाद 40 रन) के योगदान से अच्छा स्कोर बनाया। आंध्र जीत के करीब है जबकि असम के लिए ड्रा खेलकर मैच बचाना मुश्किल काम है।

वहीं कोलकाता में छत्तीसगढ़ और बंगाल के बीच ईडन गार्डन्स में चल रहे मैच में केवल नौ ओवर ही डाले जा सके। खराब रोशनी और बादलों के कारण हुए स्टंप तक छत्तीसगढ़ ने दो विकेट पर 27 रन बनाये। बंगाल ने पहली पारी आठ विकेट पर 381 रन पर घोषित की थी। 

मेरठ में बिहार ने शरमन निगरोध के 87 रन और सकीबुल गनी के 41 रन की बदौलत उत्तर प्रदेश के खिलाफ सात विकेट पर 187 रन बनाये।

बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन से दिल्ली की एक और शर्मनाक हार
बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन के कारण दिल्ली को रविवार को यहां रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप डी में मध्य प्रदेश से 86 रन से हार का सामना करना पड़ा जो इस सत्र में उसकी दूसरी पराजय है। मध्य प्रदेश से पराजय दिल्ली को इसलिए भी ज्यादा आहत करेगी क्योंकि उसने मैच के पहले दिन मेजबान टीम को 171 रन पर आउट करके अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी। इसके जवाब में दिल्ली ने 205 रन बनाकर पहली पारी में 34 रन की बढ़त हासिल की थी। मध्य प्रदेश ने खेल के तीसरे दिन सुबह अपनी दूसरी पारी 5 विकेट पर 157 रन से आगे बढ़ाई और 251 रन बना कर दिल्ली के सामने 218 रन का लक्ष्य रखा। मध्य प्रदेश की तरफ से कप्तान शुभम शर्मा ने 73 रन बनाए। दिल्ली के बल्लेबाजों ने फिर से निराश किया और उसकी पूरी टीम 131 रन पर आउट हो गई। केवल वैभव कांडपाल (125 गेंद पर नाबाद 49) ही गेंदबाजों का डटकर सामना कर पाए। दिल्ली को अपने पहले मैच में पुडुचेरी से हार का सामना करना पड़ा था जबकि जम्मू कश्मीर के खिलाफ उसका मैच खराब मौसम से प्रभावित रहा था। इस ड्रॉ मैच में दोनों टीम ने अंक बांटे। पुडुचेरी से हार के बाद दिल्ली ने कप्तानी में बदलाव किया था तथा यश ढुल की जगह हिम्मत सिंह को कप्तान बनाया था, लेकिन इससे भी टीम का भाग्य नहीं बदला।

इस बीच पुडुचेरी ने देहरादून ने खेले गए मैच में उत्तराखंड को 55 रन से हराकर अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। पुडुचेरी ने पहली पारी में 204 रन बनाकर उत्तराखंड को 123 रन पर आउट कर दिया था। उसने दूसरी पारी में 131 रन बनाकर उत्तराखंड के सामने 213 रन का लक्ष्य रखा था। गौरव यादव ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 53 रन देकर सात विकेट हासिल किये और उत्तराखंड को दूसरी पारी में 157 रन पर आउट करने में अहम भूमिका निभाई।

धर्मशाला में बड़ौदा ने हिमाचल प्रदेश को पारी और 18 रन से हराकर बोनस अंक हासिल किया। बड़ौदा के पहली पारी के 482 रन के जवाब में हिमाचल प्रदेश की टीम 184 रन पर आउट हो गई। उसकी टीम फॉलोआन के बाद भी 280 रन ही बना पाई। कटक में खेले जा रहे ग्रुप डी के एक अन्य मैच में जम्मू कश्मीर को ओडिशा के खिलाफ जीत दर्ज करने के लिए 77 रन की जरूरत है। ओडिशा ने संदीप पटनायक के 100 रन की मदद से अपनी दूसरी पारी में 198 रन बनाकर जम्मू कश्मीर के सामने 149 रन का लक्ष्य रखा था। जम्मू कश्मीर ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक चार विकेट पर 72 रन बनाए थे।
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