भारतीय टीम से बाहर चल रहे बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे को शुक्रवार को असम के खिलाफ मुंबई के अंतिम रणजी ट्रॉफी लीग मैच में मैदान में बाधा पहुंचाने के लिए आउट करार दिया गया। यह घटना चायकाल से ठीक एक ओवर पहले हुई। तब रहाणे 18 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने असम के तेज गेंदबाज दिबाकर जौहरी की गेंद को मिड ऑन पर खेला और एक रन लेने के लिए दौड़े। हालांकि, नॉन-स्ट्राइकर छोर पर शिवम दुबे ने रन लेने से इनकार कर दिया और रहाणे को वापस भागना पड़ा। असम के कप्तान दानिश दास ने गेंद को कीपर के छोर पर फेंका, जो क्रीज पर लौटने का प्रयास कर रहे रहाणे को जाकर लगी।
मैदान पर बाधा डालने के लिए आउट करार दिए गए
असम के खिलाड़ियों ने मैदान में बाधा डालने की अपील की और अंपायर ने रहाणे को आउट करार दिया। अंपायर ने इसके बाद 25वें ओवर में दो गेंद शेष रहते चायकाल की घोषणा की। हालांकि, असम ने चाय के विश्राम के दौरान अपील वापस ले ली। नियम के मुताबिक अगली गेंद फेंके जाने से पहले अपील वापस लेनी होती है और अगर अंपायर मान लेता है तो खिलाड़ी को वापस क्रीज पर बुला लिया जाता है। मुंबई के ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर ने बाद में ईएसपीएनक्रिकइन्फो को बताया कि रहाणे की फिर से बल्लेबाजी करने की इच्छा नहीं थी, क्योंकि उनकी नैतिकता ने उन्हें अनुमति नहीं दी थी।
शार्दुल ने बताई पूरी घटना
शार्दुल ने पहले दिन स्टंप के बाद कहा, 'हम वीडियो (ड्रेसिंग रूम में) चला रहे थे और हमने देखा कि रहाणे मुड़े और वह सीधी लाइन में दौड़ रहे थे। उन्होंने गेंद पर ध्यान ही नहीं दिया।' शार्दुल ने यह भी खुलासा किया कि असम के कोच ट्रेवर गोंजाल्विस चायकाल के ब्रेक के दौरान अपील के लिए 'माफी' मांगने के लिए मुंबई के ड्रेसिंग रूम में गए थे। गोंजाल्विस ने रहाणे से ब्रेक के बाद बल्लेबाजी फिर से शुरू करने का आग्रह किया।
विपक्षी टीम के कोच ने मांगी माफी
दरअसल, असम वाले तभी अपील वापस लेना चाहते थे, लेकिन चूंकि चायकाल का समय था, वे इसे तुरंत नहीं बता सके। इसके बाद असम के कोच मुंबई की ड्रेसिंग रूप में गए। उन्होंने रहाणे से कहा, 'हम अपील के लिए माफी मांगते हैं क्योंकि यह उस समय की उत्तेजना में था और हम अपील वापस लेना चाहते हैं।' उन्होंने अंपायरों को भी यही बात बताई और आपसी सहमति से रहाणे को नॉटआउट करार दिया गया। हालांकि, रहाणे मैदान पर वापस जाने के लिए उत्सुक नहीं थे क्योंकि उन्होंने कहा कि एक बार जब वह आउट हो चुके हैं, तो आउट हो चुके हैं।
शार्दुल ने बताया कि फिर उनलोगों ने रहाणे को मनाया कि अगर उन्हें नॉट आउट करार दिया गया है तो वह दोबारा बल्लेबाजी कर सकते हैं और अगर वह ऐसा करते हैं तो यह टीम के लिए होगा। उनकी नैतिकता ने उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी, लेकिन टीम के लिए यह जरूरी था कि वह फिर से वापस जाएं और बल्लेबाजी करें।
रहाणे मौके को भुनाने में नाकाम रहे
रहाणे आखिरकार फिर से बल्लेबाजी करने उतरे, लेकिन वह चायकाल के चार ओवर बाद फिर से आउट हो गए और मौके को भुनाने में नाकाम रहे। वह 22 रन बना सके। मुंबई ने यह मैच पारी और 80 रन से अपने नाम किया था। असम ने पहली पारी में 84 रन बनाए थे। मुंबई की पहली पारी 272 रन पर खत्म हुई थी। असम दूसरी पारी में 108 रन पर सिमट गई।