जिस समय क्रिकेट प्रशंसक सचिन तेंदुलकर के संन्यास की खबर सुनकर मातम मना रहे थे, उसी समय एक भारतीय बल्लेबाज चुपचाप तिहरा शतक जड़कर रिकॉर्ड की किताब में दर्ज हो रहा था।
भारत ए की कप्तानी कर रहे चेतेश्वर पुजारा वेस्ट इंडीज ए के खिलाफ पिछले दो मैचों में कुछ खास नहीं कर सके थे, लेकिन तीसरे मैच में उन्होंने लाजवाब बल्लेबाजी कर सबका मन मोह लिया।
भारत सीरीज में 0-1 से पिछड़ा हुआ था और मेजबान टीम पर सीरीज बराबर करने का दबाव था।
गंभीर ने भी लगाया था शतक
ऐसे में गौतम गंभीर (123) के बाद कप्तान चेतेश्वर पुजारा ने भी अपनी शतकीय पारी को आगे बढ़ाते हुए तिहरा शतक जड़ दिया।
मैच के दूसरे दिन पुजारा 15 चौके की मदद से 139 रन पर खेल रहे थे और तीसरे दिन जब वह बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे तो उन्होंने अपना पिछला अंदाज जारी रखा। लंच के बाद लौटने पर उन्होंने दोहरा शतक ठोक दिया।
उनकी पारी की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि कई घंटे बल्लेबाजी करने के बाद भी उनकी रन बनाने की गति कायम रही और उन्होंने एक ही सत्र में सौ रन बना लिए।
लंच के लिए जब वह गए तो उस समय वह 320 गेंदों में 200 रन बनाकर खेल रहे थे और चायकाल से पहले ही उन्होंने तिहरा शतक जड़ दिया।
तिहरे शतक में 33 चौके
अपने दोहरे शतक को तिहरे शतक में बदलने के दौरान उन्होंने सिर्फ 11 चौके ही लगाए। यानी की बाकी रन दौड़कर बनाए। इससे उनकी फुर्ती का भी अंदाजा लगता है।
चायकाल के तुरंत बाद चेतेश्चर पुजारा (नाबाद 306, 33 चौके) ने भारतीय पारी भी घोषित कर दी।
वह तिहरा शतक जमाने वाले देश के दूसरे और दुनिया के नौंवे बल्लेबाज बन गए। इससे पहले भारत में यह कारनामा रवींद्र जडेजा ने किया था। हालांकि इन दोनों बल्लेबाजों ने अपने सभी तिहरे शतक प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगाए हैं।