टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-10 के दोनों ग्रुपों से एक-एक टीम ने लगातार 3 मैच जीतकर आसानी से सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया, लेकिन मामला 2 अन्य टीमों के लिए फंसा हुआ है। 26 मार्च के मुकाबले से पहले सुपर-10 के ग्रुप-2 से पाकिस्तान के बाहर होने के बाद अंतिम 4 में पहुंचने के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कांटे की जंग चल रही है।
अब इन्हीं दो ताकतवर टीमों के बीच मोहाली में रविवार (शाम 7:30 से) को मुकाबला खेला जाएगा और जो भी टीम यह मैच जीतेगी उसे ही अंतिम-चार में जाने का टिकट दिया जाएगा। एक तरह से 'सुपर संडे' को होने वाले इस मुकाबले को क्वार्टर फाइनल मुकाबला भी कहा जा सकता है क्योंकि जो हारा उसकी टूर्नामेंट से विदाई हो जाएगी।
सुपर-10 के पहले मैच में न्यूजीलैंड के हाथों हारने के बाद टीम इंडिया ने पाकिस्तान और बांग्लादेश को हराकर अपनी उम्मीदें अंतिम मैच खेले जाने तक बनाए रखी है। पाक पर आसान जीत के बाद बांग्लादेश को हराने के लिए धोनी के ब्रिगेड को काफी पसीना बहाना पड़ा और अंतिम गेंद पर जाकर एक रन से जीत हासिल कर सके। दूसरी, ओर ऑस्ट्रेलिया को भी किवी टीम के हाथों हार झेलनी पड़ी थी, लेकिन फिर बांग्लादेश और पाक पर जीत ने उनकी उम्मीदों को बनाए रखी है। अंक तालिका पर नजर डाली जाए तो किवी टीम के बाद इस ग्रुप में ऑस्ट्रेलियाई टीम नेट रनरेट के आधार पर दूसरे नंबर आ गई है जबकि रैंकिंग में नंबर वन टीम इंडिया तीसरे स्थान पर खिसक गई है।
मेजबान होने के नाते धोनी की टीम को घरेलू मैदान और दर्शकों का समर्थन मिल सकता है, लेकिन टीम को अपने ऊपर आने वाले भारी दबाव से भी निजात पाना होगा।
टी-20 वर्ल्ड कप में बराबरी पर हैं दोनों टीमें
टीम इंडिया
टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबले को लेकर बात की जाए तो इसी साल जवनरी में भारत ने कंगारुओं को उसी के जमीन पर 3 मैचों की टी-20 सीरीज में हराकर क्लीन स्वीप किया था। ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर टीम इंडिया की क्रिकेट के किसी प्रारुप में यह पहली क्लीन स्वीप भी रही।
अब भारत की ऑस्ट्रेलिया पर लगातार 3 जीत के बाद एक बार फिर दोनों टीमें टी-20 में आमने-सामने होने जा रही हैं। धोनी की टीम जीत के पिछले क्रम को बनाए रखते हुए इस मैच को जीतकर सेमीफाइनल में जाना चाहेगी तो कंगारू हैट्रिक हार को यहीं पर खत्म करने के इरादे से मैच में उतरेंगे।
वैसे ओवरऑल टी-20 मुकाबलों की बात की जाए तो टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया से 8 मैच जीते हैं जबकि 4 में हार हाथ लगी। वहीं आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप मुकाबलों में दोनों टीमों का पलड़ा बराबरी का है क्योंकि दोनों ने 2-2 मैच जीते हैं।
2007 में टी-20 वर्ल्ड कप के पहले संस्करण में खिताब जीतने के बाद टीम इंडिया 2014 के वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी जिसमें वह उपविजेता रही थी, वहीं ऑस्ट्रेलिया को अपने पहले खिताब का इंतजार है। हालांकि कंगारू टीम इस समय वनडे में वर्ल्ड चैंपियन है।
कोहली के खिलाफ रणनीति बनाने में जुटी ऑस्ट्रेलियाई टीम
विराट कोहली
सितारों से लबरेज टीम इंडिया के बल्लेबाजी क्रम में सिर्फ विराट कोहली का ही बल्ला अब तक इस वर्ल्ड कप में सिर चढ़कर बोला है। रोहित शर्मा, शिखर धवन से अच्छी शुरुआत नहीं मिल पाने ने टीम की मुश्किलें बढ़ाई हैं।
युवराज सिंह और सुरेश रैना के बल्ले से अब तक बड़ी पारियां नहीं निकली हैं। शायद यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया पर कोहली फोबिया सवार है। कोहली के साथ कई मौकों पर उलझ चुके ऑस्ट्रेलियाई हरफनमौला शेन वाटसन तो उनके मुरीद हो चुके हैं। वाटसन का कहना है कि कोहली की पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई पारी शानदार थी। उनकी टीम हमेशा कोहली के खिलाफ हर मुकाबले में योजना बनाकर उतरती है, लेकिन यह बल्लेबाजी अपने फन से इन योजनाओं को बेअसर करता रहा है। यही कारण है उनका विकेट कल के मुकाबले के लिए महत्वपूर्ण होगा।
बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में टीम इंडिया की नई कमजोरी सामने आई थी। जसप्रीत बुमराह, आर अश्विन, खुद कप्तान धोनी और आशीष नेहरा ने इस मुकाबले में कैच छोड़े थे। यह गलती ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नहीं दोहराई जाए इसके लिए बुमराह और अश्विन ने कोहली के साथ मिलकर आसमानी कैचों को पकड़ने की जमकर प्रैक्टिस की। रैना और युवराज ने भी नेट पर जमकर बल्ला भांजा।
दूसरी ओर, भारत के अब तक के खेले तीनों मुकाबलों में पिच न सिर्फ घूमी है बल्कि धीमी भी रही, जिसका खामियाजा खुद भारतीय बल्लेबाजों ने भी भुगता। शेन वाटसन को उम्मीद है कि विकेट उन्हें यहां भी धीमा मिलेगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि यहां के विकेट पर भारतीय बल्लेबाज अपने को किस तरह ढालते हैं।