पाकिस्तान की टीम हाल ही में संपन्न हुए टी20 विश्व कप में निराशा प्रदर्शन को छोड़कर आगे की तैयारियों में जुट गई है। पाकिस्तान टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच जेसन गिलेस्पी पाकिस्तान पहुंच गए हैं। गिलेस्पी की तरह ही गैरी कस्टर्न सीमित ओवर के कोच बने थे, लेकिन अपने पहले बड़े टूर्नामेंट में कस्टर्न पाकिस्तान टीम को सफलता हासिल नहीं करा पाए थे। गिलेस्पी ने हालांकि, टीम के खिलाड़ियों का बचाव किया, लेकिन साथ ही आगाह भी किया कि वह फिटनेस से किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेंगे।
गिलेस्पी ने कहा कि यह साबित करना खिलाड़ियों की जिम्मेदारी होगी कि वे राष्ट्रीय टीम के लिए महत्वपूर्ण क्यों हैं। पाकिस्तान पहुंचने के कुछ देर बाद ही ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज गिलेस्पी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एक बार जब खिलाड़ी को राष्ट्रीय टीम के लिए चुना जाता है तो फिर उसकी फिटनेस, कौशल और मानसिक रवैये को लेकर सवाल नहीं उठने चाहिए।
गिलेस्पी ने फिटनेस पर दिया जोर
गिलेस्पी ने कहा, राष्ट्रीय टीम वह जगह नहीं है जहां आप किसी खिलाड़ी के महत्व पर सवाल उठाएं। अगर किसी खिलाड़ी के स्थान को लेकर कोई धारणा है तो उसे अपने प्रदर्शन और रवैये से इसे बदलना होगा। मेरा मंत्र है कि टेस्ट टीम में फिट, मजबूत और सशक्त खिलाड़ी होने चाहिए क्योंकि आधुनिक क्रिकेट में किसी भी प्रारूप में फिटनेस बेहद महत्वपूर्ण होती है।
टी20 विश्व कप के ग्रुप चरण से ही बाहर हो गई थी टीम
पाकिस्तान की शुरुआत इस टी20 विश्व कप में अच्छी नहीं रही थी और उसे पहले अमेरिका तथा फिर भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। अमेरिका ने पाकिस्तान को सुपर ओवर में हराया था, जबकि भारत ने न्यूयॉर्क में खेले गए रोमांचक मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी टीम को छह रन से मात दी थी। ग्रुप चरण के शुरुआती दो मैच हारने के कारण पाकिस्तान के लिए आगे बढ़ने के रास्ते बंद हो गए थे और उसका सफर ग्रुप चरण में ही थम गया था। पाकिस्तान की टीम 2009 में चैंपियन बनकर उभरी थी, लेकिन तब से वो अब तक कभी इस टूर्नामेंट का खिताब नहीं जीत सकी है। पाकिस्तान की टीम 10 साल बाद पहली बार टी20 विश्व कप के ग्रुप चरण से बाहर हुई थी।
बाबर आजम की हुई थी आलोचना
पाकिस्तान के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कप्तान बाबर आजम प्रशंसकों और पूर्व खिलाड़ियों के निशाने पर आ गए थे और उनकी काफी आलोचना हुई थी। पूर्व खिलाड़ी शोएब मलिक ने तो यहां तक कह दिया था कि बाबर इस प्रारूप में किसी शीर्ष टीम की प्लेइंग-11 में जगह बनाने के लायक नहीं हैं। मालूम हो कि बाबर को टी20 विश्व कप से ठीक पहले दोबारा पाकिस्तान टीम का कप्तान बनाया गया था।