सचिन तेंदुलकर ने अपनी व्यस्तताओं के कारण बुधवार को वायुसेना के 81वें स्थापना दिवस के मौके पर वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल एनएके ब्राउन के निवास पर होने वाले रस्मी समारोह में आने की योजना भी टाल दी।
मास्टर ब्लास्टर को सितंबर 2010 में बड़ी धूमधाम से वायुसेना के ग्रुप कैप्टन रैंक से अलंकृत किया गया था। वह यह सम्मान पाने वाले देश्ा के पहले खिलाड़ी और नागरिक थे।
सचिन तेंदुलकर के एयर हाउस आने की खबरों से वायु सेना उत्साहित थी लेकिन खुद वायु सेना प्रमुख ने 81वीं परेड के अवलोकन के बाद संवाददाताओं से बातचीत के दौरान स्वीकार किया कि सचिन ने कुछ पारिवारिक व्यवस्तताओं के कारण शाम के समारोह में आने में असमर्थता जाहिर की है।
सचिन तेंदुलकर का इस तरह ऐन मौके पर समारोह में नहीं आने की बात कहना वास्तव में वायुसेना प्रमुख को भी नागवार गुजरा है।
उन्होंने अपनी नाराजगी छिपाई भी नहीं और कहा, "आप जानते हैं कि वह कितना मशरूफ हैं।"
तेंदुलकर और टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की सुखोई लडाकू विमान में उड़ान के बारे में पूछने पर वायुसेना प्रमुख ने कहा, "वायुसेना ने तो अपनी ओर से अनुमति दे दी थी लेकिन आपको पता है कि ये खिलाड़ी अपने कार्यक्रम में कितना व्यस्त रहते हैं और आपको यह भी पता है कि वायुसेना को भी फुर्सत नहीं है। लिहाजा ऐसे में इस उड़ान की फिलहाल कोई योजना नहीं है।"
उन्होंने कहा, "सुखोई उड़ान की वायुसेना की पेशकश अब भी है लेकिन यह सचिन और धोनी पर निर्भर है कि वे कब फुर्सत निकाल पाते हैं। दोनों क्रिकेटरों की यह उड़ान पिछले वायुसेना प्रमुख के कार्यकाल में तय हुई थी और तब से इन दोनों को फुर्सत नहीं मिल पाई है।"
वायुसेना ने सचिन तेंदुलकर को ग्रुप कैप्टन की रैंक देने के बाद उनकी तस्वीरें अपने प्रचार अभियान में इस्तेमाल करना शुरू किया था लेकिन अब वायुसेना ने यह सिलसिला भी बंद कर दिया है।