जडेजा ने खेली थी 77 रन की शानदार पारी
टीम इंडिया हार की कगार पर पहुंच चुकी थी। इसके बाद धोनी (50) ने कमान संभाली और जडेजा के साथ मिलकर 116 रनों की साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने भारत को जीत के करीब पहुंचा दिया था और जब जीत के लिए 14 गेंदों पर 32 रन की दरकार थी, तब बोल्ट ने जडेजा को विलियमसन के हाथों कैच आउट कराकर मैच का पासा पलट दिया। जडेजा 77 रन बनाकर आउट हो गए थे। जडेजा के रूप में भारत का को सातवां झटका लगा था।
धोनी के आउट होते ही जीत की उम्मीद खत्म
इसके बाद भी धोनी ने मैच जिताने की कोशिश की लेकिन 49वें ओवर की तीसरी गेंद पर धोनी ने लेग साइड पर शॉट खेला और एक रन पूरा करने के बाद वो तेजी से दूसरे रन के लिए भागे लेकिन वह रनआउट हो गए। लेग साइड पर खड़े मार्टिन गप्टिल ने विकेट पर डायरेक्ट थ्रो मारा और धोनी महज 2 इंच पीछे रह गए और रनआउट हो गए थे। यहां से भारत की जीत की उम्मीद खत्म हो गई थी। धोनी जब आउट हुए तब भारत का स्कोर 216 था। इसके बाद चहल और भुवनेश्वर कुमार भी पांच रन के अंदर आउट हो गए थे। इस तरह भारतीय टीम 221 रन पर सिमट गई और यह मैच भारत 18 रन से हार गया था।