लगातार चार जीत से शुरुआत करने वाली न्यूजीलैंड की लय पर लगाम लग गई तथा उसे भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका से लगातार हार का सामना करना पड़ा। इससे उसके सात मैचों में आठ अंक हैं। वहीं पाकिस्तान के हालत तो और खराब है जिसके सात मैचों में छह अंक हैं। मैदान की निराशा के अलावा न्यूजीलैंड को अपने चोटिल खिलाड़ियों की समस्या से भी जूझना होगा क्योंकि तेज गेंदबाज मैट हैनरी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चोटिल होने के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
इससे न्यूजीलैंड ने तेज गेंदबाज काइल जेमीसन को टीम में शामिल किया। जेम्स नीशाम भी कलाई में चोट लगा बैठे थे जिससे टीम को उनके उबरने की प्रक्रिया पर नजर रखनी होगी। इनके अलावा केन विलियम्सन (अंगूठे) और मार्क चैपमैन (पिंडली) भी उबरने की प्रक्रिया के अलग चरण में हैं जिससे वे भी पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर नहीं उतरेंगे, लेकिन टीम इस बात से थोड़ी राहत लेगी कि तेज गेंदबाज लोकी फर्ग्यूसन पाकिस्तान के खिलाफ खेलने के लिए चोट से उबर गए हैं।
यह न्यूजीलैंड की गेंदबाजी इकाई में बायें हाथ के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट और बायें हाथ के स्पिनर मिशेल सैंटनर शामिल हैं। उन्हें उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ करना होगा। बल्लेबाजी में रचिन रविंद्र, डेवोन कॉनवे, डेरिल मिशेल और ग्लेन फिलिप्स रन बनाने की जिम्मेदारी संभालनी होगी। रविंद्र सात मैचों में 415 रन बना चुके हैं और वह इसे यादगार पारी बनाने के लिए बेताब होंगे। न्यूजीलैंड को टॉम लाथम और विल यंग से योगदान की भी जरूरत होगी।
पाकिस्तान भले ही मामूली अंतर से ही प्रबल दावेदार दिख रहा हो। लेकिन लगातार चार हार के बाद बांग्लादेश के खिलाफ जीत भी उसकी कमजोरियों को खत्म करने के लिए नाकाफी हैं। कप्तान बाबर आजम की फॉर्म भी इतनी अच्छी नहीं रही है क्योंकि तीन अर्धशतकों के बावजूद वह बड़ा शतक नहीं लगा सके हैं। टीम को मोहम्मद रिजवान और सलामी बल्लेबाज अब्दुल्लाह शफीक से उम्मीदें होंगी।
सलामी बल्लेबाज फखर जमान ने चोट के बाद वापसी करते हुए बांग्लादेश के खिलाफ 81 रन की पारी खेली जिससे पाकिस्तान का मनोबल बढ़ा होगा। बायें हाथ के तेज गेंदबाज शाहीन शाह आफरीदी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तक पहुंचने का संकेत दे रहे हैं, जबकि मोहम्मद वसीम ने बांग्लादेश के खिलाफ तीन विकेट झटककर पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी विभाग में अतिरिक्त विकल्प की चिंता कम कर दी होगी। लेकिन उनके स्पिनर शादाब खान और उसामा मीर अब तक अच्छा नहीं कर पाए हैं।
दोनों टीमों के आंकड़ों की बात करें तो वनडे में अब तक पाकिस्तान और न्यूजीलैंड 115 बार आमने-सामने आई हैं। पाकिस्तान ने 60 मैच जीते हैं, जबकि न्यूजीलैंड को 51 मुकाबलों में जीत मिली है। एक मैच टाई और तीन का कोई नतीजा नहीं निकला है। वनडे विश्व कप में दोनों टीमें नौ बार आमने-सामने आई हैं। सात मैच पाकिस्तान और दो मैच न्यूजीलैंड ने जीते हैं।
वनडे विश्व कप में न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान को 1983 और 2011 में हराया था। इसके अलावा 1983 (दो बार भिड़े थे), 1992 (दोनों मुकाबले), 1996, 1999 (दो बार भिड़े थे) और 2019 विश्व कप में पाकिस्तान ने जीत हासिल की है।
न्यूजीलैंड: डेवोन कॉन्वे, विल यंग, रचिन रवींद्र, डेरिल मिचेल, टॉम लाथम (कप्तान, विकेटकीपर), ग्लेन फिलिप्स, जेम्स नीशम, मिचेल सैंटनर, लोकी फर्ग्यूसन/काइल जेमीसन, टिम साउदी, ट्रेंट बोल्ट।
पाकिस्तान: अब्दुल्ला शफीक, फखर जमान, बाबर आजम (कप्तान), मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), सऊद शकील, इफ्तिखार अहमद, आगा सलमान, शाहीन अफरीदी, उसामा मीर, मोहम्मद वसीम जूनियर, हारिस रऊफ।