नेपाल के बल्लेबाज दीपेंद्र सिंह ऐरी टी20 क्रिकेट में छह गेंदों पर छह छक्के लगाने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बने। दीपेंद्र ने यह उपलब्धि अल अमीरात में खेले जा रहे एसीसी पुरुष प्रीमियर कप में कतर के खिलाफ हासिल की। दीपेंद्र ने इस मैच में 21 गेंदों पर तीन चौके और सात छक्कों की मदद से नाबाद 64 रनों की पारी खेली जिसके दम पर नेपाल ने कतर के खिलाफ 20 ओवर में सात विकेट पर 210 रन बनाए। जवाब में कतर की टीम नौ विकेट पर 178 रन ही बना सकी और नेपाल ने यह मुकाबला 32 रनों से जीता। दीपेंद्र ने इस मैच में दो विकेट भी अपने नाम किए।
यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे बल्लेबाज
दीपेंद्र टी20 इतिहास में यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बने। उनसे पहले भारत के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह और वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड ऐसा कर चुके हैं। युवराज पहले ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने टी20 में छह गेंदों पर छह छक्के जड़े थे। युवराज ने 2007 टी20 विश्व कप के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ यह कारनामा किया था। उन्होंने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड पर छह गेंदों में छह छक्के जड़े थे। वनडे में यह उपलब्धि दक्षिण अफ्रीका के हर्षल गिब्स और अमेरिका के जसकरन मल्होत्रा के नाम है।
पहले 15 गेंदों पर बनाए 28 रन, अगली छह गेंदों पर 36 रन
दीपेंद्र कतर के खिलाफ पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे। उन्होंने पहले 15 गेंदों पर 28 रन बनाए थे। नेपाल का 19वें ओवर की समाप्ति के बाद स्कोर सात विकेट पर 174 रन था। कतर ने 20वां ओवर डालने के लिए मीडियम तेज गेंदबाज कामरान खान को भेजा और दीपेंद्र ने एक के बाद एक छह गेंदों पर छह छक्का लगाकर इतिहास रच दिया।
दीपेंद्र ने एशियाई खेलों में भी किया था प्रभावित
यह पहली बार है जब दीपेंद्र ने टी20 में एक ही ओवर में छह छक्के लगाए हैं, लेकिन नेपाल का यह बल्लेबाज इससे पहले भी ऐसा ही कुछ कर चुका है। पिछले साल सितंबर में चीन के हांगझू में हुए एशियाई खेलों के दौरान भी दीपेंद्र ने प्रभावित किया था और छह छक्के जड़े थे। उस दौरान उन्होंने दो ओवरों में यह उपलब्धि पूरी की थी। दीपेंद्र ने मंगोलिया के खिलाफ सिर्फ नौ गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया था। उन्होंने पहले मुंगुन अल्तनखुयाग के ओवर में पांच गेंदों पर पांच छक्के जड़े और फिर लवसांजुनदुई एर्डेनबुल्गान की पहली गेंद पर छक्का जड़ा था। इस तरह उन्होंने छह गेंदों पर छह छक्के लगाए थे। दीपेंद्र की उस पारी के दम पर ही नेपाल ने तीन विकेट पर 314 रन बनाए थे और नेपाल टी20 में 300 के पार स्कोर करने वाली पहली टीम बनी थी। इसके अलावा उन्होंने नौ गेंदों पर पचासा जड़ा था जो टी20 इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक है।