मुथैया मुरलीधरन क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल गेंदबाज हैं। टेस्ट में 800, वनडे में 534 और टी20 में 13 विकेट लेने वाले मुरलीधरन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा 1347 विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। मुरलीधर ने अपने करियर में बल्लेबाजों को खूब परेशान किया, लेकिन गेंदबाजी एक्शन से जुड़े विवादों ने उन्हें खासा परेशान किया। मुरली हर बार अपने एक्शन को लेकर टेस्ट में सफल रहे और अभी भी उनका रिकॉर्ड टूटना मुश्किल है।
मुरलीधरन के जीवन पर बनी फिल्म 800 जल्दी ही रिलीज होने वाली है। इससे पहले उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात की और अपने जीवन से जुड़े कई रोचक खुलासे किए। इस दौरान जब उनसे एडम गिलक्रिस्ट को लेकर सवाल पूछा गया कि आईसीसी के टेस्ट में पास होने के बावजूद गिलक्रिस्ट ने क्यों उनकी आलोचना की थी तो उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए समझाया "जैसे भारत में पीएम मोदी हैं और वह जो कुछ भी करते हैं, वह 70 फीसदी लोगों को पसंद आता है। ये लोग उनकी तारीफ करते हैं, लेकिन 30 फीसदी लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें उनके हर काम से परेशानी होती है और ये लोग हमेशा उनका विरोध करते हैं। उसी तरह एडम गिलक्रिस्ट भी थो, जिनको मेरे एक्शन से परेशानी थी, जबकि आईसीसी ने इसे मान्य करार दिया था।"
मुरलीधरन ने यह भी समझाया कि उनकी कलाई और कंधे की वजह से देखने में ऐसा लगता था कि उनकी कुहनी बहुत ज्यादा मुड़ रही है। इसी वजह से अंपायर या मैच रेफरी उनके एक्शन पर सवाल खड़े करते थे, लेकिन सच्चाई इससे अलग थी। उनकी कुहनी नहीं मुड़ती थी और हर बार आईसीसी की लैब में टेस्ट के दौरान यह साबित भी हुआ।
सचिन तेंदुलकर को लेकर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 16 साल की उम्र में वकार यूनिस और वसीम अकरम जैसे गेंदबाजों के खिलाफ रन बनाना आम बात नहीं है। सचिन ने लगभग 25 साल तक करोड़ों लोगों की उम्मीदों का भार अपने कंधे पर ढोया। यह बेहद खास है।