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जानिए, रहाणे से पहले टीम इंडिया के 22 कप्तानों का कैसा रहा रिकॉर्ड!

Fri, 03 Jul 2015 05:45 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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अजिंक्य रहाणे भारत की वनडे टीम के अगले कप्तान बनाए गए हैं। हालांकि उनका यह पद कुछ समय के लिए ही है क्योंकि टीम इंडिया के वरिष्ठ खिलाड़ियों के छुट्टी पर जाने के कारण उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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करीब सात महीने से लगातार क्रिकेट खेलने के कारण वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, टेस्ट कप्तान विराट कोहली के अलावा सुरेश रैना, रोहित शर्मा और आर अश्विन जैसे बड़े क्रिकेटरों को जिम्बाब्वे दौरे के लिए छुट्टी दे दी गई। रहाणे भी वरिष्ठ साथियों की तरह लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं लेकिन उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसने उनकी थकान को काफी हद तक दूर कर दिया होगा। रहाणे एक समय एक भी मैच खेले बगैर टीम के साथ लगातार घूम रहे थे लेकिन आज वह वनडे टीम के कप्तान बना दिए गए हैं।

टीम इंडिया के सबसे सफलतम कप्तान धोनी हैं लेकिन उनका करियर अब एक-दो साल से ज्यादा का नहीं माना जा रहा है। ऐसे में चयनकर्ता धोनी के अगले विकल्प की तलाश कर रहे हैं। हालांकि उनके पास विराट कोहली के रूप में बड़ा विकल्प है ही जो इस समय टेस्ट टीम के कप्तान भी हैं। लेकिन बोर्ड कोहली के अलावा एक-दो और क्रिकेटरों को भी इस अहम जिम्मेदारी के लिए तैयार करना चाहता है।
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रहाणे भारतीय टीम के वनडे कप्तान बनने वाले 23वें क्रिकेटर हैं। इससे पहले वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया के पदार्पण के बाद अब तक 22 क्रिकेटरों ने इस अहम जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। जानते हैं उन 22 क्रिकेटरों के बारे में।

शुरुआती 6 साल में भारतीय टीम को मिली सिर्फ 2 जीत

टीम इंडिया ने वनडे क्रिकेट में 1974 में अपनी दस्तक दी थी हालांकि उसकी शुरुआत लगातार हार के साथ हुई। खैर, वह बात पुरानी हो गई आज की तारीख में भारतीय टीम क्रिकेट में दमदार टीम के रूप में जानी जाती है।

वनडे में भारतीय टीम का पहला कप्तान बनने का गौरव हासिल हुआ अजित वाडेकर को। हालांकि वह अपनी इस उपलब्धि को यादगार नहीं बना सके क्योंकि इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए पहले 2 वनडे में टीम को हार मिली। इस हार के बाद उनसे कप्तानी जाती रही।

बीसीसीआई ने टीम इंडिया की कमान एस वेंकटराघवन के हाथों में सौंप दी। वह भारत के दूसरे वनडे कप्तान बने। वह 1975 में टीम इंडिया के कप्तान बनाए गए और उनकी ही कप्तानी में भारत ने पहले वर्ल्ड कप (1975) में हिस्सा भी लिया। इसके बाद 1979 वर्ल्ड कप में भी राघवन ही टीम के कप्तान रहे। इन चार सालों में भारत ने उनकी कप्तानी में 7 मैच खेले और सिर्फ एक में ही जीत मिली जबकि टीम ने 6 मैच गंवाए।

फिरकी गेंदबाज बिशन सिंह बेदी (1976-78) टीम इंडिया के तीसरे कप्तान बने लेकिन वह भी टीम को जीत की राह पर नहीं ला सके। उनकी अगुवाई में भारत ने 4 मैचों से महज एक में जीत हासिल की। राघवन और बेदी की कप्तानी में भारत को एक-एक जीत मिली।

तीन कप्तानों की नाकामी के बाद चौथे कप्तान ने दिलाई एक नहीं 14 जीत

भारत के चौथे कप्तान रहे सुनील गावस्कर। 1980 में वह टीम के कप्तान बने। उनकी अगुवाई में भारत ने 37 मैच खेले और 14 में जीत हासिल की। उनकी कप्‍तानी में टीम को 21 मुकाबलों में हार मिली और 2 मुकाबलों का कोई परिणाम नहीं निकला।

इस बीच गुंडप्पा विश्वनाथ (1981) टीम इंडिया के पांचवें कप्तान बने। फ‌िर छठे कप्तान के रूप में चयन हुआ आलराउंडर कपिल देव का जिन्होंने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया की काया ही पलट ‌दी। पहले दो वर्ल्ड कप में महज एक मैच जीतने वाली टीम इंडिया को उन्होंने 1983 में वर्ल्ड चैंपियन ही बना दिया।

कपिल ने अपने करियर में 74 वनडे मैचों में कप्तानी की और 39 में जीत दिलाई, जबकि सिर्फ 33 मैच में हारे और 2 का तो रिजल्ट ही नहीं निकला। कपिल 1982 से लेकर 1987 तक कप्‍तान रहे।

इस बीच सैयद किरमानी (1), मोहिंदर अमरनाथ (1), रवि शास्‍त्री (11), ‌‌दिलीप वेंगसरकर (18) और कृष्‍णमचारी श्रीकांत (13) को भी बीच-बीच में कप्तान बनाया गया।

1974 से लेकर 1990 तक यानी 16 सालों में टीम इंडिया के लिए 11 क्रिकेटरों को कप्तान बनाया गया जिसमें सबसे सफल कपिल देव रहे। लेकिन सुनील गावस्कर पहले ऐसे कप्तान रहे जिनकी कप्तानी में भारत ने एक से ज्यादा वनडे मैच जीतने का स्वाद चखा।

अहजर ने लगाया कप्तानी का 'शतक', तेंदुलकर रहे सबसे खराब कप्तान

90 के दशक में वनडे क्रिकेट काफी रंगीन और तेज तर्रार हो गया। इस बीच टीम इंडिया की कमान मोहम्मद अजहरुद्दीन को सौंपी गई, जिनकी अगुवाई में भारत ने 1992 का वर्ल्ड कप भी खेला। अहजर ने 1989-90 में पहली बार वनडे में भारतीय टीम की कप्तानी की जो 1999 तक बने रहे। इस बीच 174 मैचों में भारत को 90 में जीत मिली, 76 मैच हारा। जबकि दो मैच टाई रहे और 6 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकला। उनकी हार-जीत का औसत रहा 54.16 का।

अजहर के बाद टीम इंडिया के अगले कप्‍तान बने सचिन तेंदुलकर। हालांकि बल्ले से अनगिनत रिकॉर्ड बनाने वाले तेंदुलकर बतौर कप्तान बुरी तरह से नाकाम रहे। 1996 से लेकर 2000 तक 73 मैचों में टीम उनकी कप्तानी में उतरी लेकिन 43 मैचों में हार गई और सिर्फ 23 मैच ही जीत पाई। एक मैच टाई रहा और 6 का कोई परिणाम नहीं निकला।

तेंदुलकर के बाद टीम की कमान अजय जडेजा को कुछ देर के लिए सौंपी गई। 1997-98 से 1999-2000 के बीच 13 वनडे में बतौर कप्तान उन्होंने 8 मैचों में जीत दिलाई।

इसके बाद सौरव गांगुली को टीम की कमान सौंपी गई जिन्होंने टीम को आक्रामक बनाया। 1999 से 2005 के बीच उनकी कप्तानी में टीम ने 146 मैचों में 76 में जीत हासिल की। 65 मैचों में हार मिली और 5 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकला।

टीम इंडिया के 19वें कप्तान ने लगाया जीत का शानदार 'शतक'

सौरव गांगुली के बाद राहुल द्रविड़ टीम इंडिया अगले और 16वें कप्तान बने। भारत ने 2007 का वर्ल्ड कप उनकी अगुवाई में खेला। 2000 से लेकर 2007 तक द्रविड़ ने 79 मैचों में कप्तानी की जिसमें भारत ने 42 मैचों में जीत हासिल की। हालांकि भारत को 33 में हार मिली और 4 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकला।

द्रविड़ के बाद टीम के 17वें कप्तान अनिल कुंबले (2001-02), 18वें कप्तान वीरेंद्र सहवाग (2003 से 2011) बने। इनके बाद टीम इंडिया को एक स्‍थापित कप्तान मिला महेंद्र सिंह धोनी के रूप में। सहवाग ने 12 मैचों में कप्तानी की जिसमें 7 में जीत मिली और 5 में हार।

धोनी टीम के 19वें कप्तान हैं। उन्हें 2007 में टीम का वनडे कप्तान बनाया गया और आज तक उनकी कप्तानी में भारत ने 181 वनडे मैचा खेले हैं जिसमें टीम ने जीत का शतक लगाया और 101 मैच जीत चुकी हैं। धोनी की कप्तानी में भारत को 65 में हार मिली, जबकि 4 मैच टाई रहा और 11 का कोई परिणाम नहीं निकला।

धोनी के राज में कुछ अन्य क्रिकेटरों को बीच-बीच में कप्तानी करने का मौका मिला। सुरेश रैना (2010-2014), गौतम गंभीर (2010-2011) और विराट कोहली (2013-2014) टीम इंडिया के क्रमशः 20वें, 21वें और 22वें कप्तान बने। रैना ने 12 मैचों में, गंभीर ने 6 मैचों में और कोहली ने 17 वनडे मैचों में कप्तानी की है।
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10 मैचों से भी कम मैचों में कप्तान रहे भारत के ये 8 क्रिकेटर

अजिंक्य रहाणे से पहले टीम इंडिया के 22 कप्तानों में 8 कप्तान ऐसे हैं जिन्हें 10 से कम वनडे मैचों में भारत के लिए कप्तानी करने का मौका मिला। 5 ऐसे कप्तान हैं जिन्हें 15 से कम मैचों में टीम इंडिया की अगुवाई करने का मौका मिला। जबकि 20 से कम मैचों में कप्‍तानी करने वाले कप्तान हैं दिलीप वेंगसरकर (18) और विराट कोहली (17)। वेंगसरकर क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं जबकि ‌कोहली अभी क्रिकेट खेल रहे हैं और 17 मैचों में कप्तानी की है।

भले ही कोहली अपने आक्रामक रवैए के कारण आलोचना झेल रहे हों लेकिन वनडे में हार-जीत की औसत के मामले में वह धोनी से आगे हैं। बतौर कप्तान धोनी का औसत है 60.58 जबकि कोहली का औसत है 82.35। कोहली ने 17 मैचों में 14 में टीम इंडिया को जीत दिलाई है।

एस वेंकटराघवन, बिशन सिंह बेदी और अनिल कुंबले ऐसे कप्‍तान हैं जिनकी अगुवाई में टीम इंडिया को एक-एक जीत मिली है। जबकि 4 कप्तान ऐसे भी हैं जिनकी अगुवाई में भारतीय टीम को एक भी जीत नहीं मिली।

ये दुर्भाग्यशाली कप्तान हैं अजित वाडेकर, गुंडप्पा विश्वनाथ, सैयद किरमानी और मोहिंदर अमरनाथ जो वनडे में जीत का खाता भी नहीं खोल सके। इनमें से सिर्फ अजित वाडेकर ने दो मैचों में कप्तानी की जबकि 2 को एक-एक मैच में कप्तानी करने का मौका मिला और टीम हार गई। अमरनाथ ने जिस मैच में कप्तानी की उस मैच का कोई परिणाम नहीं निकला।
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