क्रिकेट के सबसे पुराने प्रारूप टेस्ट मैच में आप जल्द ही रंगीन बॉल के साथ गेंदबाज को गेंदबाजी करते देखेंगे। ऑस्ट्रेलिया टेस्ट में गुलाबी गेंद (पिंक बॉल) के साथ मैच खेलने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। इसी साल के अंत में वह क्रिकेट इतिहास में पहली बार डे-नाइट टेस्ट मैच की मेजबानी भी करने जा रहा है। यह ऐतिहासिक मैच ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच गुलाबी गेंद के साथ कृत्रिम रोशनी में पहला दिन-रात्रि टेस्ट नवंबर में एडिलेड ओवल में होगा।
मीडिया में आई खबरों के अनुसार, 27 नवंबर से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज का अंतिम टेस्ट इस लिहाज से ऐतिहासिक हो सकता है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) का मानना है कि डे-नाइट टेस्ट मैच होने से दर्शकों की संख्या बढ़ेगी। स्टेडियम और टीवी पर ज्यादा दर्शक टेस्ट मैच को देख सकेंगे। हालांकि डे-नाइट टेस्ट मैच को लेकर कई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों में विरोधाभास है क्योंकि उनका मानना है कि रात में उन्हें गुलाबी गेंद देखने में दिक्कत आएगी।
भले ही कुछ खिलाड़ी गुलाबी गेंद के साथ मैच में उतरने से डरते हों लेकिन टीम इंडिया के वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी उनसे काफी तेज निकले और बहुत पहले ही इस गेंद के साथ दो-दो हाथ कर चुके हैं।