फिरोजशाह कोटला पर एक बार फिर गर्मा-गर्मी दिखी।
शनिवार को छींटाकशी और गाली गलौच पर ऑस्ट्रेलियाई उतरे थे तो रविवार को भारतीय खिलाड़ियों ने सीमाएं लांघते हुए कंगारुओं को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया।
हालांकि इस हरकत के लिए रविंद्र जडेजा और इशांत शर्मा को अंपायरों की चेतावनी भी मिली। धोनी का कहना है कि थोड़ी बहुत छींटाकशी जायज है।
धोनी ने मैच के बाद इशारा भी किया कि दोनों अंपायरों और रेफरी ने इस मामले में अच्छी भूमिका निभाई है। वह शुरू से कहते आए हैं अगर कोई टीम आक्रामक है तो उसका जवाब देना बनता है। लेकिन बात मैदान पर ही खत्म हो गई।
इससे पहले धोनी की मौजूदगी में डेविड वार्नर और रविंद्र जडेजा के बीच शनिवार को तकरार काफी हद तक बढ़ गई थी।
अंपायरों के बीच बचाव के बाद इसे शांत कराया गया। जडेजा के मन में इसकी कसक थी। सुबह उन्होंने जैसे ही वार्नर को एलबीडब्लू कराया, फिर क्या था उन्होंने इस तरह से जश्न मनाना शुरू कर दिया मान लो टेस्ट मैच जीत लिया हो।
वह गेंदबाजी छोर से कवर की ओर भाग खड़े हुए सारे खिलाड़ी उनके पीछे थे। सही मायनों में वह वार्नर को नीचा दिखाना चाह रहे थे। अंपायरों ने इसे तुरंत भांप लिया। उन्होंने न सिर्फ इस बारे में सचिन तेंदुलकर से बात की बल्कि जडेजा को चेतावनी भी दी।
इसके बाद विराट कोहली और मैथ्यु वेड के बीची तीखी झड़प हुई। अंपायरों की ओर से लंच की घोषणा के बाद खिलाड़ी जब पेवेलियन की ओर जा रहे थे उस दौरान विराट और वेड के बीच शब्दों का आदान-प्रदान हुआ। अंत में वेड को ही चुप रहना पड़ा।
इशांत शर्मा ने तो हद कर दी। सिडल और पैटिनसन की जोड़ी पहली पारी की तरह भारत के लिए मुश्किल बनी हुई थी। इशांत ने राउंड द विकेट आने का फैसला किया और उनकी तेजी से रिवर्स हुई गेंद पैटिनसन का मिडिल स्टंप ले उड़ी।
इशांत तेजी से दौड़ते हुए पैटिनसन के पास गए और उन्हें अंगुली से पेवेलियन जाने का इशारा किया। अंपायर अलीम दार ने इसे भी गंभीरता से लेते हुए उन्हें चेतावनी दी।