फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

T20 World Cup: क्या ये धोनी का आखिरी IPL होगा, टीम इंडिया से जुड़ने और हितों के टकराव से बचने के क्या हैं विकल्प?

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sat, 11 Sep 2021 08:21 AM IST

सार

Mahendra Singh Dhoni: आईपीएल 19 सितंबर से 15 अक्टूबर तक चलेगा। वहीं, टी-20 वर्ल्ड कप 17 अक्टूबर से शुरू होगा। महेंद्र सिंह धोनी को वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का मेंटॉर बनाया गया है। आखिर विवाद से बचने के लिए धोनी के पास तीन विकल्प क्या हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
महेंद्र सिंह धोनी। - फोटो : Social Media

पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम का मार्गदर्शक (मेंटॉर) बनाया गया है। उनकी इस नियुक्ति के खिलाफ भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की शीर्ष परिषद को एक शिकायत मिली है। इसमें लोढ़ा समिति की सिफारिशों का हवाला दिया गया है। शिकायत में कहा गया है कि धोनी की नियुक्ति हितों के टकराव से जुड़े नियमों का उल्लघंन है। नियम कहते हैं कि एक व्यक्ति दो पदों पर काबिज नहीं हो सकता। दरअसल, धोनी इस समय अपनी आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान हैं। वे अपनी टीम के साथ संयुक्त अरब अमीरात में हैं, जहां 19 सितंबर से टी20 लीग शुरू हो रही है। हम आपको बता रहे हैं कि हितों के टकराव के आरोप क्या हैं और इन आरोपों को लेकर धोनी के पास आगे क्या विकल्प हैं...

विज्ञापन

महेंद्र सिंह धोनी। - फोटो : Social Media
पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम का मार्गदर्शक (मेंटॉर) बनाया गया है। उनकी इस नियुक्ति के खिलाफ भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की शीर्ष परिषद को एक शिकायत मिली है। इसमें लोढ़ा समिति की सिफारिशों का हवाला दिया गया है। शिकायत में कहा गया है कि धोनी की नियुक्ति हितों के टकराव से जुड़े नियमों का उल्लघंन है। नियम कहते हैं कि एक व्यक्ति दो पदों पर काबिज नहीं हो सकता। दरअसल, धोनी इस समय अपनी आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान हैं। वे अपनी टीम के साथ संयुक्त अरब अमीरात में हैं, जहां 19 सितंबर से टी20 लीग शुरू हो रही है। हम आपको बता रहे हैं कि हितों के टकराव के आरोप क्या हैं और इन आरोपों को लेकर धोनी के पास आगे क्या विकल्प हैं...

क्या हैं हितों के टकराव के आरोप?

बीसीसीआई के संविधान के नियम 38 (4) (f) और 38 (4) (j) के मुताबिक, कोई भी खिलाड़ी बोर्ड में किसी एक पद पर रहते हुए बोर्ड या उससे जुड़े किसी संस्थान में दूसरे पद पर नहीं रह सकता। दरअसल, इसकी वजह यह है कि एक पद पर रहते हुए कोई भी खिलाड़ी या अधिकारी अपने दूसरे पद को अनुचित लाभ पहुंचा सकता है या प्रभावित कर सकता है। ऐसे में एक-साथ दो पद रखने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

हितों के टकराव से कैसे जुड़ेगा धोनी का नाम?

महेंद्र सिंह धोनी के मामले को देखा जाए, तो वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन बीसीसीआई की ओर से कराए जाने वाले आईपीएल में वे अब भी चेन्नई सुपरकिंग्स की कप्तानी कर रहे हैं। यानी चेन्नई के लिए खेलने वाले कई खिलाड़ियों पर उनका प्रभाव बरकरार है। ऐसे में संशय जताया जा रहा है कि अगर धोनी टीम इंडिया के मेंटॉर बनते हैं, तो टीम सेलेक्शन के दौरान वे परोक्ष रूप से अपना प्रभाव छोड़ सकते हैं। इसी मामले को हितों के टकराव के तौर पर देखा जा रहा है।

आगामी टी-20 विश्व कप के लिए जो टीम चुनी गई है, उसमें 15 खिलाड़ियों के अलावा तीन इंजरी रिप्लेसमेंट भी रखे गए हैं। टॉप-15 खिलाड़ियों में रविंद्र जडेजा चेन्नई सुपरकिंग्स टीम का हिस्सा हैं। जबकि रिजर्व खिलाड़ियों में शार्दुल ठाकुर और दीपक चाहर भी चेन्नई सुपरकिंग्स के ही खिलाड़ी हैं। रविचंद्रन अश्विन पहले चेन्नई का हिस्सा रह चुके हैं।

पहले कब लगे हितों के टकराव के आरोप?

महेंद्र सिंह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी आईपीएल खेलना जारी रखा। गौरतलब है कि इससे पहले उन पर 2012-13 में भी तब हितों के टकराव के आरोप लगे थे, जब टीम इंडिया के कप्तान रहने के साथ वे खुद उस स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी के सह-मालिक थे, जो तीन और खिलाड़ियों सुरेश रैना, रविंद्र जडेजा और प्रज्ञान ओझा से जुड़े कामों को देखती थी।

महेंद्र सिंह धोनी के पास विकल्प क्या हैं?

विकल्प-1: धोनी खुद चेन्नई सुपरकिंग्स से नाम वापस लें और टी-20 वर्ल्ड कप से पहले करार खत्म कर लें...
धोनी के पास एक विकल्प यह है कि वे चेन्नई सुपरकिंग्स की कप्तानी छोड़ दें, जिससे खिलाड़ियों पर उनके प्रभाव की चर्चा खत्म हो जाएगी और हितों के टकराव का मुद्दा खत्म हो जाएगा। धोनी खुद फ्रेंचाइजी से नाम वापस ले सकते हैं और चेन्नई सुपरकिंग्स की तनख्वाह पर काम न करके हितों के टकराव के आरोप से भी बच सकते हैं।

विकल्प-2: आईपीएल 2022 की नीलामी तक खिलाड़ी होंगे फ्री एजेंट, किसी टीम से नहीं होगा संबंध...

महेंद्र सिंह धोनी के पास आईपीएल खेलते रहने और टीम इंडिया के मेंटॉर बनने का सबसे बेहतर विकल्प यही है। दरअसल, आईपीएल के इस सीजन के बाद बीसीसीआई ने टूर्नामेंट में दो नई टीमों को शामिल करने का फैसला किया है। इसके लिए आगे सभी खिलाड़ियों की नीलामी का ऐलान किया जाना है। यानी सभी टीमों के खिलाड़ियों पर 2022 की शुरुआत में बोली लगाई जाएगी। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर कहा कि ऐसे में नीलामी न होने तक ये खिलाड़ी फ्री एजेंट्स रहेंगे, जिनका किसी भी टीम से करार नहीं होगा। सिर्फ जनवरी 2022 में नीलामी या उससे पहले रिटेन खिलाड़ियों के एलान के बाद ही यह खिलाड़ी किसी टीम से जुड़े माने जाएंगे।

आईपीएल 19 सितंबर को शुरू होकर 15 अक्टूबर को खत्म होगा। वहीं, टी-20 वर्ल्ड कप 17 अक्टूबर से शुरू होकर 14 नवंबर को खत्म होगा। यही वह समय होगा, जब आईपीएल से जुड़े खिलाड़ी किसी टीम का हिस्सा नहीं रहेंगे और इस दौरान महेंद्र सिंह धोनी के हितों के टकराव का मामला भी खत्म हो जाएगा।

विकल्प-3: धोनी का ये आखिरी आईपीएल हो

महेंद्र सिंह धोनी के पास सबसे कठिन विकल्प यह है कि वे आईपीएल के इस सीजन में खेलने के बाद आगे कभी इस टूर्नामेंट में हिस्सा न लें। यानी वे क्रिकेट से पूरी तरह संन्यास ले लें। 14 अक्टूबर को आईपीएल खत्म होने के बाद रिटायरमेंट लेकर धोनी टीम इंडिया के मेंटॉर का पद ले सकते हैं। इस तरह उन पर हितों के टकराव का आरोप नहीं लगेगा और धोनी किसी अन्य मुक्त रिटायर्ड खिलाड़ी की तरह भारतीय टीम के लिए सेवाएं दे सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next