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IPL: गौतम गंभीर ने मैकुलम से पूरी टीम के सामने क्यों मांगी थी माफी? कोलकाता के पूर्व कप्तान ने किया खुलासा

Thu, 08 Feb 2024 09:58 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गंभीर को फाइनल मुकाबले से ठीक पहले तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी की चोट ने मुश्किलों में डाल दिया था। नतीजतन उन्होंने फॉर्म में चल रहे मैकुलम को बाहर करने का फैसला किया था।
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ब्रैंडन मैकुलम और गौतम गंभीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के इतिहास में कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम दो बार चैंपियन बनी है। उसने गौतम गंभीर की कप्तानी में 2012 और 2014 में खिताब जीता था। 2012 में चैंपियन बनने वाली टीम में न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान और इंग्लैंड के मौजूदा कप्तान ब्रैंडन मैकुलम भी थे। गंभीर ने मैकुलम के बारे में एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि आईपीएल 2012 के दौरान उन्होंने पूरी टीम के सामने कोलकाता के पूर्व ओपनर से माफी मांगी थी।
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गंभीर को फाइनल मुकाबले से ठीक पहले तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी की चोट ने मुश्किलों में डाल दिया था। नतीजतन उन्होंने फॉर्म में चल रहे मैकुलम को बाहर करने का फैसला किया था। उनके साथ ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली को शामिल किया था। इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज गंभीर ने खुलासा किया कि उन्होंने निर्णय लेने के बाद पूरी केकेआर टीम के सामने मैकुलम से सॉरी कहा था। गंभीर ने कहा कि इसी तरह कोई एक कप्तान के रूप में विकसित होता है। 

गंभीर ने मैकुलम से क्या कहा था?
गंभीर ने कहा, ''चेपॉक में उस फाइनल के लिए रवाना होने से पहले मैंने वास्तव में पूरी टीम के सामने ब्रेंडन मैकुलम से माफी मांगी थी। मैंने उनसे कहा था मुझे वास्तव में खेद है कि मुझे आपको बाहर रखना पड़ेगा। इसका कारण आपका प्रदर्शन नहीं है, इसका कारण हमारा संयोजन है। कोई भी ऐसा नहीं करना चाहता था। लेकिन मुझमें पूरी टीम के सामने उनसे माफी मांगने का साहस था। माफी मांगने में कुछ भी गलत नहीं है।''
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गंभीर ने क्यों मांगी थी माफी?
गंभीर ने माफी मांगने का कारण भी बताया। उन्होंने कहा, ''अगर मैंने पूरी टीम के सामने माफी नहीं मांगी होती, तो मेरे दिल में कहीं न कहीं मुझे यह अपराधबोध होता कि मैंने ठीक से संवाद नहीं किया। नेतृत्व का मतलब केवल सराहना लेना या खुद को चुप कराना या श्रेय लेना नहीं है। कभी-कभी यह अजीब होता है लेकिन इसी तरह आप एक कप्तान के रूप में विकसित होते हैं।'' कोलकाता ने फाइनल में चेन्नई सुपरकिंग्स को दो गेंद शेष रहते पांच विकेट से हरा दिया था। संयोग से मैकुलम की जगह लेने वाले खिलाड़ी मनविंदर बिस्ला ही थे, जिन्होंने टीम को जीत दिलाई।
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