सनराइजर्स हैदराबाद और किंग्स इलेवन पंजाब शनिवार को जब मोहाली के पीसीए स्टेडियम में उतरेंगे तो उनका एकमात्र लक्ष्य टूर्नामेंट के प्लेऑफ में पहुंचने के लिए अपनी उम्मीदों को बनाए रखना होगा।
हैदराबाद 12 मैचों में सात जीत और 14 अंकों के साथ तालिका में पांचवें स्थान पर है जबकि पंजाब इतने ही मैचों में पांच जीत और 10 अंकों के साथ छठे स्थान पर है।
यह मैच हैदराबाद से ज्यादा पंजाब के लिए करो या मरो का मुकाबला बन गया है। पंजाब यदि यहां हार जाता है तो उसके लिए प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें समाप्त हो जाएंगी।
पंजाब के मुकाबले हैदराबाद की स्थिति थोड़ी ठीक है। हैदराबाद यदि यह मैच जीत जाता है तो उसकी संभावनाएं मजबूत हो जाएंगी और यदि वह मैच हार जाता है तो भी उसके लिए संभावनाएं बनी रहेंगी।
दोनों ही टीमें अपना पिछला मैच गंवाकर इस मुकाबले में उतर रही हैं। पंजाब के सामने यही समस्या रही है कि टीम एक दिन शानदार प्रदर्शन करती है तो दूसरे दिन ढेर हो जाती है।
कप्तान एडम गिलक्रिस्ट ने बीच के कुछ मैचों में खुद को ड्रॉप किया और डेविड हसी टीम के कप्तान बने लेकिन गिलक्रिस्ट दोबारा से कप्तानी में लौट आए हैं मगर टीम के प्रदर्शन पर कोई बहुत ज्यादा असर नहीं दिखाई दे रहा है।
पंजाब को यदि अपनी उम्मीदें कायम रखनी हैं तो डेविड मिलर के साथ गिलक्रिस्ट और शॉन मार्श को जोरदार पारियां खेलनी होंगी।